UPL क्लोजिंग सेरेमनी में मासूम शर्मा के कार्यक्रम का विरोध, स्टेडियम के बाहर UKD कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

देहरादून। उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) सीजन-3 के फाइनल के साथ गुरुवार को राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में क्लोजिंग सेरेमनी आयोजित की गई। समारोह में हरियाणवी गायक मासूम शर्मा की प्रस्तुति को लेकर पहले से चल रहा विरोध स्टेडियम के बाहर भी देखने को मिला। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के कार्यकर्ताओं ने मासूम शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनकी प्रस्तुति का विरोध किया।
मासूम शर्मा को UPL सीजन-3 की क्लोजिंग सेरेमनी में प्रस्तुति के लिए बुलाए जाने के बाद से ही कुछ संगठनों की ओर से इसका विरोध किया जा रहा था। विरोध की वजह उनके नाम से जुड़ा देहरादून के DAV कॉलेज का पुराना विवाद बताया गया। आरोप है कि वहां एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मासूम शर्मा ने मंच से अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। उस समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कार्यक्रम में मौजूद थे, हालांकि बताया गया कि घटना से कुछ मिनट पहले ही मुख्यमंत्री वहां से जा चुके थे।
इसी पुराने प्रकरण का हवाला देते हुए कई संगठनों ने UPL की क्लोजिंग सेरेमनी में मासूम शर्मा को बुलाए जाने पर आपत्ति जताई थी। संगठनों ने कार्यक्रम रद्द करने की मांग भी की थी। उनका कहना था कि जिस कलाकार को लेकर पहले देहरादून में विवाद हो चुका है, उसे शहर के बड़े सार्वजनिक आयोजन में मंच नहीं दिया जाना चाहिए।
मासूम शर्मा की प्रस्तुति के विरोध में कुछ संगठन क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) के कार्यालय भी पहुंचे थे और कार्यक्रम रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, विरोध के बावजूद क्लोजिंग सेरेमनी में उनकी प्रस्तुति आयोजित की गई। विरोध करने वाले संगठनों ने आरोप लगाया कि उनकी आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
गुरुवार को UPL का फाइनल मुकाबला चल रहा था और स्टेडियम में क्लोजिंग सेरेमनी की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान UKD के कार्यकर्ता स्टेडियम के बाहर पहुंच गए। प्रदर्शन में UKD नेता लूसन टोडरिया, प्रमिला रावत समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने मासूम शर्मा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके पुराने देहरादून विवाद का जिक्र किया। मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लेकर मौके से हटाया।
प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के पोस्टर और बैनर भी चर्चा में रहे। आयोजन स्थल पर लगाए गए पोस्टरों में मुख्यमंत्री का नाम और तस्वीर दिखाई दे रही थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका विरोध मासूम शर्मा और उनकी प्रस्तुति को लेकर था। हालांकि, आयोजन से जुड़ी पूरी जानकारी स्पष्ट नहीं होने के कारण प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
वहीं, मुख्यमंत्री की कार्यक्रम में मौजूदगी को लेकर पहले ही स्थिति स्पष्ट की जा चुकी थी। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया था कि मुख्यमंत्री UPL की क्लोजिंग सेरेमनी में शामिल नहीं होंगे। इसके बावजूद आयोजन स्थल पर लगे मुख्यमंत्री के पोस्टर को लेकर प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारे भी सुनाई दिए। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा देखने को मिली।



