केदारनाथ में इस बार सभा मंडप से होंगे दर्शन, गर्भगृह में प्रवेश पर रोक

रुद्रप्रयाग | प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। भक्त अब सभा मंडप से ही स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन करेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, गर्भगृह में अत्यधिक भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति बन जाती थी, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
भीड़ प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था
हर वर्ष केदारनाथ में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे दर्शन के लिए घंटों लंबी कतारें लग जाती थीं। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु सभा मंडप से दर्शन कर व्यवस्थित रूप से बाहर निकल सकेंगे, जिससे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगे।
70 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंधित
बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि श्रद्धालुओं को सरल और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना समिति की प्राथमिकता है। मंदिर से 70 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील निर्माण पर भी रोक लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में लॉकर्स की व्यवस्था की गई है, जहां यात्री अपने मोबाइल और अन्य सामान सुरक्षित रख सकेंगे।
टोकन प्रणाली लागू
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े। समिति का कहना है कि इससे दर्शन प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।
स्वच्छता और ग्रीन यात्रा पर फोकस
बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप धाम का पुनर्निर्माण किया गया है। ‘ग्रीन यात्रा’ संदेश के तहत स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मंदिर समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि केदारनाथ धाम में गैर-सनातनियों का प्रवेश वर्जित रहेगा।



