
देहरादून। शहर में देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। स्कूटर सवार दो बदमाशों ने आईटी पार्क से लौट रहे 23 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सहस्रधारा क्रॉसिंग से अगवा कर लूटपाट की और जामुनवाला पुल से नीचे नदी में फेंक दिया। रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने के बावजूद युवक रातभर पत्थरों के बीच पड़ा रहा। सुबह राहगीरों की नजर पड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मणचौक कांवली रोड निवासी आकाश कुमार सहस्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनकी ड्यूटी शाम छह बजे से रात दो बजे तक रहती है। गुरुवार रात करीब सवा दो बजे वह सहस्रधारा क्रॉसिंग के पास घर जाने के लिए ऑनलाइन बाइक बुक कर रहे थे। इसी दौरान स्कूटर सवार दो युवक वहां पहुंचे और जबरन उन्हें स्कूटर पर बैठा लिया।
बदमाश उन्हें घंटाघर, बिंदाल पुल और गढ़ी कैंट होते हुए जामुनवाला पुल तक ले गए। वहां आकाश को स्कूटर से उतारकर उन पर हमला किया गया। बदमाशों ने उनका बैग, दो मोबाइल फोन और पर्स जिसमें 700 रुपये थे, लूट लिए। इसके बाद उन्हें पुल से नीचे फेंक दिया। आरोप है कि बदमाशों ने ऊपर से पत्थर भी मारे ताकि वह बच न सकें।
पुल से गिरने के कारण आकाश की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। रातभर वह दर्द से तड़पते हुए किसी तरह पुल के पिलर के पास छिपे रहे। सुबह एक राहगीर ने उन्हें देखा और पास के सैन्य क्षेत्र से जवानों को बुलाया। सेना के जवानों ने उन्हें बाहर निकालकर पुल तक पहुंचाया। इसके बाद एंबुलेंस से दून अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
आकाश ने बताया कि बदमाशों ने पहले मोबाइल खोने का बहाना बनाकर उनसे मदद मांगी। फोन न मिलने पर उन्होंने नेशविला रोड पर फोन गिरने की बात कहकर दबाव बनाया। मना करने पर जबरन स्कूटर पर बैठाकर जान से मारने की धमकी दी।
घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। पीड़ित के पिता विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराने पर उन्हें क्षेत्राधिकार का हवाला देकर रायपुर थाने भेज दिया गया। इस बीच डॉक्टरों का फोन आने पर वह पहले अस्पताल पहुंचे।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रेमनगर थाने में पीड़ित के पिता की तहरीर प्राप्त कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की जांच जारी है।



