श्मशान घाट पर हुई जयमाला, मरचूला में डेस्टिनेशन वेडिंग का वीडियो वायरल

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मरचूला क्षेत्र में नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पर शादी की रस्म निभाए जाने का मामला सामने आया है। दो नदियों के संगम स्थल पर हुई इस डेस्टिनेशन वेडिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार, कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे मरचूला क्षेत्र में रामगंगा और बदनगढ़ नदियों के संगम पर एक पुराना श्मशान घाट स्थित है, जहां आसपास के गांवों के लोग अंतिम संस्कार करते हैं। घाट के पास एक प्रतीक्षालय भी बना हुआ है। बताया गया है कि डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए कॉर्बेट क्षेत्र में लोकेशन तलाश रहे पर्यटकों को यह संगम स्थल पसंद आ गया। पास में स्थित एक रिजॉर्ट के माध्यम से यहां शादी की कुछ रस्में आयोजित की गईं।
रविवार को घाट पर भव्य सजावट कर जयमाला सहित अन्य रस्में निभाई गईं। कार्यक्रम का वीडियो वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया। रिजॉर्ट प्रबंधक राकेश शर्मा ने बताया कि पर्यटकों को पहले ही यह जानकारी दी गई थी कि यह स्थान श्मशान घाट है, लेकिन उन्होंने आयोजन करने का निर्णय लिया।
स्थानीय लोगों में रोष
स्थानीय निवासियों ने इसे धार्मिक मर्यादाओं और सांस्कृतिक आस्था के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि जहां अंतिम संस्कार होते हैं, वहां मांगलिक कार्य करना अनुचित है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पर मांगलिक कार्यक्रम वर्जित होते हैं।
कुछ लोगों ने जंगल और नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में इस तरह के आयोजन पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह न केवल धार्मिक भावनाओं बल्कि पर्यावरणीय संवेदनशीलता की भी अनदेखी है।
प्रशासन ने कही जांच की बात
सल्ट तहसील के तहसीलदार आबिद अली ने कहा कि शवदाह स्थल सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार का समारोह आयोजित नहीं किया जा सकता। प्रशासन को इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन यदि श्मशान घाट पर शादी का आयोजन हुआ है तो जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि राज्य सरकार उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेडिंग डेस्टिनेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है, लेकिन इस तरह की घटनाएं इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही हैं।



