उत्तराखंड

कार्बेट में अवैध सागौन कटान पर बड़ी कार्रवाई, तीन फरार आरोपियों ने कोर्ट में किया सरेंड

रामनगर: कार्बेट टाइगर रिजर्व के बिजरानी वन क्षेत्र में सागौन के पेड़ों के अवैध पातन के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद 20 अगस्त को रामनगर न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि 28 मार्च 2025 को बिजरानी वन क्षेत्र के फूलताल ब्लॉक, आमडंडा पुरानी बीट की नई प्रस्तावित बीट के कक्ष संख्या-03 में राष्ट्रीय राजमार्ग-309 के समीप सागौन के पेड़ों के अवैध पातन का मामला सामने आया था। इस मामले में बिजरानी रेंज में वन अपराध संख्या 06/बिजरानी/2024-25 दर्ज किया गया था।

जांच में सात आरोपियों के नाम सामने आए

मामले की जांच उप प्रभागीय वनाधिकारी बिजरानी बिंदर पाल द्वारा की जा रही है। विवेचना के दौरान फरहाद खां, सुलेमान, समीर, सलमान, उमेर खान, युनुस और यासीन की संलिप्तता सामने आई। सभी आरोपी रामपुर क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।

आरोपी फरहाद खां को 28 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। वहीं अन्य आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहे थे। जांच में शामिल होने के लिए आरोपियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। इसके बाद न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी कराए गए।

हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज

गैर-जमानती वारंट की कार्रवाई के तहत 16 जून 2026 को आरोपी सुलेमान को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं उमेर खान समेत अन्य आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नैनीताल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की।

कार्बेट टाइगर रिजर्व की ओर से न्यायालय में संबंधित अभिलेखों के साथ पक्ष रखा गया। इसके बाद हाईकोर्ट ने आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

तीन आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण

अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद 20 अगस्त 2026 को शेष तीन आरोपी समीर, सलमान और उमेर खान ने रामनगर न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया। न्यायालय ने तीनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।

उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने कहा कि वन एवं वन्यजीव अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध कटान और अन्य वन अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button