SIR के बाद अब 75 हजार मतदाताओं पर कांग्रेस की नजर, नाम जोड़ने की प्रक्रिया की करेगी निगरानी

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने निगरानी का फैसला किया है। पार्टी का विशेष फोकस उन करीब 75 हजार मतदाताओं पर रहेगा, जिन्हें निर्वाचन आयोग अपनी पात्रता साबित करने और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद दोबारा मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर देने जा रहा है।
SIR प्रक्रिया के दौरान उत्तराखंड में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए हैं। निर्वाचन आयोग अब ऐसे लोगों को अपनी पात्रता साबित करने का मौका देने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। इस दौरान संबंधित मतदाता जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना नाम दोबारा सूची में शामिल करा सकेंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी ने पूरी SIR प्रक्रिया पर नजर रखी है। अब कांग्रेस का विशेष फोकस उन करीब 75 हजार मतदाताओं पर रहेगा, जिन्हें निर्वाचन आयोग दोबारा मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर देने जा रहा है।
दरअसल, SIR की शुरुआत से ही कांग्रेस मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाती रही है। पार्टी ने अलग-अलग स्तर पर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई थीं। कांग्रेस का आरोप रहा है कि प्रक्रिया के दौरान ऐसे पात्र मतदाताओं के नाम भी सूची से बाहर हो सकते हैं, जो वास्तव में मतदान के योग्य हैं।
अब नाम हटाए जाने के बाद दोबारा नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है तो कांग्रेस ने इस पर भी नजर रखने की बात कही है। पार्टी को आशंका है कि कहीं अपात्र लोगों के नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल न हो जाएं। इसे देखते हुए कांग्रेस अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
हालांकि कांग्रेस का कहना है कि SIR के दौरान हटाए गए सभी नामों पर उसे आपत्ति नहीं है। पार्टी के अनुसार, इनमें ऐसे मतदाता भी शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज थे। ऐसे मामलों में नाम हटाए जाने को कांग्रेस उचित मानती है।
इसके अलावा कुछ मतदाता SIR के दौरान जांच के समय उपलब्ध नहीं थे, जबकि कुछ निर्धारित दस्तावेज समय पर प्रस्तुत नहीं कर सके। ऐसे मतदाताओं को अब अपनी स्थिति स्पष्ट करने और पात्रता साबित करने का अवसर दिया जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया भी पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होनी चाहिए। पार्टी इसी आधार पर निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जाने वाले विशेष अभियान पर नजर रखेगी।



