बदरीनाथ चढ़ावा गड़बड़ी मामले की जांच तेज, आयुक्त आनंद स्वरूप ने दान प्रबंधन और CCTV व्यवस्था का किया निरीक्षण

चमोली: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित अनियमितताओं के मामले की जांच अब तेज हो गई है। शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच समिति के अध्यक्ष एवं गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने शनिवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर दान प्रबंधन प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी भी मौजूद रहे।
जांच समिति ने मंदिर परिसर में दान पेटियों की सुरक्षा, नकदी संग्रहण, गिनती कक्ष की व्यवस्था और पूरी दान गणना प्रक्रिया का विस्तार से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह भी परखा कि दान पेटियों को किस प्रकार सुरक्षित रूप से गिनती कक्ष तक पहुंचाया जाता है, गिनती के दौरान कौन-कौन कर्मचारी मौजूद रहते हैं और बैंक अधिकारियों की भूमिका क्या होती है।
निरीक्षण के दौरान जांच टीम ने गिनती कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था का भी परीक्षण किया। साथ ही पुराने सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा कर मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई। अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपी से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का भी अवलोकन किया।
जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी ने बताया कि जांच समिति जल्द ही शिकायतकर्ताओं के बयान भी दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर जांच को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और साइबर सेल की भी मदद ली जाएगी, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया था। समिति को पूरे प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी है।
बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि जांच टीम ने करीब ढाई से तीन घंटे तक मंदिर परिसर में रहकर दान पेटियों, गिनती कक्ष, सीसीटीवी सिस्टम, गर्भगृह से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल और मंदिर की सुरक्षा एवं संचालन व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जांच टीम ने हर पहलू का अलग-अलग दृष्टिकोण से परीक्षण किया, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं किसी स्तर पर प्रक्रिया में कोई चूक या अनियमितता तो नहीं हुई।
फिलहाल जांच समिति सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



