उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण: सीईओ, मंत्री-विधायकों से लेकर अफसरों तक को नोटिस, 19 लाख मतदाताओं को भेजे गए नोटिस

देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत नाम, पता और मतदाता विवरण में विसंगतियों को लेकर बड़े पैमाने पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इस अभियान की जद में आम मतदाता ही नहीं, बल्कि प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, वरिष्ठ नौकरशाह और विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी आए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम को उनके पिता के नाम की वर्तनी में त्रुटि के कारण नोटिस जारी किया गया। उन्होंने आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को उपलब्ध कराकर मामले का निस्तारण कराया। इसी तरह कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, काशीपुर एसडीएम अभय प्रताप सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंग्वाल और एपीडी विम्मी जोशी को भी नाम और पते में विसंगतियों के चलते नोटिस जारी हुए।
कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों को भी नोटिस
अभियान के तहत विधायक सविता कपूर, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, नैनीताल विधायक सरिता आर्या, खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी और उनके परिवार के सदस्यों को भी नोटिस मिले हैं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के पुत्र संजीव आर्य और पुत्रवधू, यूकेडी अध्यक्ष शिव शंकर भाटिया, कांग्रेस और भाजपा के कई जिला पदाधिकारियों को भी दस्तावेज सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
पूर्व विधायक स्वर्गीय हरबंश कपूर के परिवार को नाम की अलग-अलग वर्तनी (हरबंस/हरवंश) के कारण नोटिस मिला है। वहीं पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के भाई संजय ठुकराल और किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ की पत्नी भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं।
विशिष्ट नागरिक भी सूची में
हरिद्वार के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं वर्तमान सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, साहित्यकार नरेंद्र कठैत, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मुन्नी तिवारी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमलेश कैड़ा और बदरीनाथ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी नवल किशोर खाली को भी सुनवाई और अभिलेख सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
कुमाऊं आयुक्त ने की अपील
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम केवल “दीपक” दर्ज था। अब उन्होंने “दीपक रावत” नाम दर्ज कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को सौंप दिए हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि नोटिस मिलने पर घबराने के बजाय समय पर आवश्यक दस्तावेज जमा कराएं, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहे।
19 लाख नोटिस जारी, हजारों आवेदन प्राप्त
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 24 लाख लक्षित मतदाताओं में से अब तक करीब 19 लाख (77 प्रतिशत) नोटिस वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा फार्म-6 के 93 हजार, फार्म-7 के 1.39 लाख और फार्म-8 के 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
बुजुर्ग और दिव्यांगों को घर पर मिलेगी सुविधा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के मामलों का निस्तारण उनके घर जाकर किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।
फर्जी शिकायतों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान कांग्रेस ने फर्जी ऑनलाइन शिकायतों का मुद्दा मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष उठाया। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि झूठी शिकायतों के आधार पर वैध मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कर फर्जी शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।



