हरिद्वार में महिला के गंगा स्नान के वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप, AI से आपत्तिजनक वीडियो वायरल; जांच में जुटी पुलिस

हरिद्वार: सोशल मीडिया पर एआई तकनीक के कथित दुरुपयोग का मामला धर्मनगरी हरिद्वार में सामने आया है। आरोप है कि हरकी पैड़ी क्षेत्र के मालवीय घाट के पास गंगा स्नान कर रही एक महिला के वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे एआई की मदद से आपत्तिजनक रूप दिया गया और सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। मामला सामने आने के बाद तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी है और वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है।
जानकारी के मुताबिक, मालवीय घाट पर गंगा स्नान कर रही महिला का किसी व्यक्ति ने वीडियो बनाया था। आरोप है कि बाद में कुछ लोगों ने इस वीडियो को डाउनलोड कर उसमें छेड़छाड़ की और महिला के कपड़े बदलकर आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया। इसके बाद कथित रूप से इस वीडियो को सोशल मीडिया पर दोबारा प्रसारित किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
मामले में कुछ लोगों की ओर से फैक्ट चेक किए जाने का भी दावा किया गया है। एक अन्य वीडियो सामने आने के बाद दावा किया गया कि महिला के स्नान का मूल वीडियो वास्तविक था, जबकि बाद में कपड़े बदलकर वायरल किया गया वीडियो फर्जी है। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें की गई कथित छेड़छाड़ की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसकी वास्तविकता संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हरकी पैड़ी पर सामने आए इस मामले को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने धार्मिक स्थल से जुड़े वीडियो के साथ इस तरह की कथित छेड़छाड़ पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री के प्रसार से धार्मिक स्थलों की छवि प्रभावित होती है।
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एआई के माध्यम से महिलाओं के चित्रों को इस तरह सोशल मीडिया पर दिखाया जाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कूटरचित सामग्री के जरिए तीर्थ स्थलों को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने शासन और प्रशासन से वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वहीं, हरकी पैड़ी चौकी इंचार्ज अंशुल अग्रवाल ने बताया कि गंगा स्नान के वायरल वीडियो का मामला संज्ञान में आया है। वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



