
उत्तराखंड। उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल समेत कई नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। उनके साथ गौरव गोयल, अनुज गुप्ता, नारायण पाल, भीमलाल आर्य और लखन सिंह भी कांग्रेस में शामिल हुए।
राज्य में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में इस राजनीतिक बदलाव को कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।
ठुकराल की वापसी से रुद्रपुर में हलचल
राजकुमार ठुकराल रुद्रपुर से भाजपा के पूर्व विधायक रह चुके हैं। वे 2012 और 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके थे और पार्टी के मजबूत नेताओं में गिने जाते थे। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
ठुकराल रुद्रपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष भी रह चुके हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। लंबे समय से उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें चल रही थीं, जो अब सच साबित हुईं।
गौरव गोयल और नारायण पाल का अनुभव
गौरव गोयल रुड़की के पूर्व मेयर रह चुके हैं और हरिद्वार जिले में उनकी अच्छी राजनीतिक पकड़ मानी जाती है। वहीं नारायण पाल सितारगंज से दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2007 और 2012 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। 2022 में भी उन्होंने बसपा से चुनाव लड़ा, लेकिन तीसरे स्थान पर रहे।
अन्य नेताओं की भूमिका
भीमलाल आर्य 2012 से 2017 तक घंसाली से भाजपा विधायक रहे। हालांकि 2016 के बाद से वे कांग्रेस के प्रति समर्थन जताते रहे।लखन सिंह भीमताल से ब्लॉक प्रमुख और जिला परिषद सदस्य रह चुके हैं।अनुज गुप्ता मसूरी से नगर पालिका चेयरमैन का पद संभाल चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से कई क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति मजबूत हो सकती है। आगामी चुनावी समीकरणों पर इसका असर देखने को मिल सकता



