उत्तराखंडदेहरादून

ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.87 करोड़ की ठगी, STF ने लुधियाना से आरोपी दबोचा

देहरादून। उत्तराखंड में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर चल रहे संगठित साइबर फ्रॉड गैंग का खुलासा हुआ है। स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड की साइबर क्राइम कंट्रोल पुलिस ने गैंग के एक सदस्य को लुधियाना (पंजाब) से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और गुजरात सहित कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।

वरिष्ठ नागरिक से 1.87 करोड़ रुपये की ठगी

मामला कौलागढ़ रोड, देहरादून निवासी ओएनजीसी से रिटायर्ड एक वरिष्ठ नागरिक से जुड़ा है। पीड़ित ने 15 अप्रैल 2026 को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात ठगों ने खुद को एक नामी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) का अधिकृत कर्मचारी बताकर उन्हें निवेश के नाम पर बड़ा मुनाफा कमाने का लालच दिया।

ठगों ने कथित “हाई नेटवर्थ (HNW) ट्रेडिंग अकाउंट” खोलने का झांसा देकर इंस्टीट्यूशनल, ओटीसी और IPO शेयरों में निवेश का दावा किया। पीड़ित से अलग-अलग खातों में कुल 1,87,64,000 रुपये जमा कराए गए।

व्हाट्सएप ग्रुप और नकली SEBI नंबर से रचा जाल

घटना की शुरुआत 31 जनवरी 2026 को एक व्हाट्सएप मैसेज से हुई। “दिया मेहरा” नाम की महिला ने खुद को निवेश सलाहकार बताते हुए संपर्क किया और पीड़ित को “L103-ABSL The Group of Wisdom” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा।

ग्रुप में फर्जी ट्रेडिंग गतिविधियों, मुनाफे के स्क्रीनशॉट और टेस्टिमोनियल दिखाकर भरोसा बनाया गया। बाद में पीड़ित को VIP ग्रुप (B085) में शिफ्ट कर दिया गया, जहां नकली SEBI रजिस्ट्रेशन नंबर (INZ000172636G) के जरिए ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए प्रेरित किया गया।

फर्जी डैशबोर्ड पर लगातार मुनाफा दिखाकर पीड़ित से बड़ी रकम निवेश कराई गई। कुछ समय बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया।

लुधियाना से गिरफ्तारी

जांच के दौरान साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून और STF टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान की।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुखराज निवासी लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने केवल दो महीने के लिए बैंक खाता खुलवाया था, जिसमें हाल ही में करीब 18 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन पाया गया।

40 लाख रुपये होल्ड

अजय सिंह, एसएसपी STF ने बताया कि आरोपी ने चेक के माध्यम से रकम निकाली। संबंधित खाते में इस मामले से जुड़े 5,60,000 रुपये भी पाए गए।

साइबर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के 40 लाख रुपये होल्ड/सुरक्षित करा दिए हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, व्हाट्सएप ग्रुप या ऑनलाइन निवेश योजना पर आंख बंद कर भरोसा न करें। किसी भी निवेश से पहले कंपनी की वैधता और SEBI पंजीकरण की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें।

मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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