
देहरादून। दून पुलिस ने 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला के नेतृत्व में ज्वेलरी शॉप को निशाना बनाने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गैंग 8 मई को डोईवाला नगर चौक स्थित सुरेंद्र कुमार कक्कड़ की दुकान से छह सोने की चेन चोरी करने के बाद से फरार था। पुलिस ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
‘दादी’ के नेतृत्व में चलता था मास्टरप्लान
पुलिस के मुताबिक गिरोह महाराष्ट्र के रायगढ़ क्षेत्र से आया था। गैंग की अगुवाई 76 वर्षीय विमला (निवासी पांडुरंग, रायगढ़) कर रही थीं। उनके साथ वासुदेव नामदेव शिंदे समेत अन्य सदस्य शामिल थे।
गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। सभी सदस्य पहले ज्वेलरी शॉप की रेकी करते, फिर ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश करते। बुजुर्ग महिला संभ्रांत ग्राहक की तरह व्यवहार करतीं और मोलभाव के दौरान दुकानदारों को उलझाए रखतीं। कई बार वह उम्र का फायदा उठाकर दुकानदारों को डांट भी देती थीं।
इसी बीच गिरोह के अन्य सदस्य अलग-अलग डिजाइन दिखाने और मोलभाव के बहाने कर्मचारियों का ध्यान भटकाते और मौका मिलते ही कीमती गहनों पर हाथ साफ कर देते।
डोईवाला में छह चेन की चोरी
कोतवाल कुमल कुमार लुंठी के अनुसार, 8 मई को डोईवाला नगर चौक स्थित सुरेंद्र कुमार कक्कड़ की दुकान से छह सोने की चेन चोरी की गई थीं। इनकी कीमत करीब सात लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस का कहना है कि इससे पहले गिरोह ने देहरादून के अन्य ज्वेलर्स को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन व्यापारियों की सतर्कता के चलते वे सफल नहीं हो पाए।
हर्रावाला रेलवे स्टेशन पर धरपकड़
वारदात के बाद आरोपी महाराष्ट्र भागने की फिराक में थे। गुरुवार को जब गिरोह हर्रावाला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहा था, तभी डोईवाला पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई सभी छह सोने की चेन बरामद कर ली हैं। कोर्ट में पेशी के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
घटना के खुलासे के बाद पीड़ित ज्वेलर ने राहत की सांस ली है, जबकि पुलिस इस गिरोह के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।



