उत्तराखंड

लखनऊ अग्निकांड के बाद हरिद्वार में फायर सेफ्टी पर सख्ती, कोचिंग सेंटरों और होटलों का ऑडिट शुरू

हरिद्वार। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हरिद्वार जनपद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जिले भर में कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी, होटलों, शॉपिंग मॉल और औद्योगिक इकाइयों का फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू कर दिया गया है। साथ ही अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।

 

फायर स्टेशन रुड़की की टीम ने अभियान के तहत एसएस क्लासेस रामनगर, रिनाउन क्लासेस रामनगर, चाणक्य क्लासेस वसंत विहार मकतूलपुरी, छाया कोचिंग सेंटर रामनगर तथा ग्लोबल लाइब्रेरी के फायर सेफ्टी मानकों की जांच की। इस दौरान वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों और अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की जानकारी देकर जागरूक भी किया गया।

 

होटल, मॉल और कमर्शियल बिल्डिंग भी जांच के दायरे में

 

प्रशासन के अनुसार जनपद में संचालित कई होटल, कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों में आग लगने की स्थिति में बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए अब सभी कमर्शियल भवनों और सार्वजनिक स्थलों का व्यापक फायर ऑडिट कराया जाएगा।

 

औद्योगिक क्षेत्रों में भी होगी विशेष जांच

 

हरिद्वार के सिडकुल, बहादराबाद, भगवानपुर और ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित हजारों छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां भी जांच के दायरे में लाई जा रही हैं। इन क्षेत्रों में समय-समय पर आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं, विशेषकर कबाड़ और प्लास्टिक गोदामों में। ऐसे में फायर सेफ्टी के साथ-साथ अन्य सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाएगी।

 

सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं

 

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोचिंग संस्थानों, होटलों, अस्पतालों, स्कूलों, शॉपिंग मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थलों में फायर सेफ्टी उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

छात्रों को किया जा रहा जागरूक

 

फायर ऑडिट के साथ-साथ छात्रों और संस्थान संचालकों को आग से बचाव, आपातकालीन निकासी और अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जनहानि को रोका जा सके।

 

लखनऊ अग्निकांड के बाद हरिद्वार प्रशासन का यह अभियान जिले में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने और संभावित हादसों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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