मॉल रोड पर अतिक्रमण हटाने गई पालिका टीम से विवाद, कर्मचारियों ने एफआईआर की मांग की

मसूरी: मॉल रोड पर अवैध रूप से पटरी लगाकर कारोबार करने वालों के खिलाफ चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर पालिका परिषद और कुछ स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया। नगर पालिका प्रशासन ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ अभद्रता भी की।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन के नेतृत्व में मॉल रोड पर विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान अवैध रूप से लगाए गए पटरी व्यवसायों को हटाने और सामान जब्त करने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
पालिका प्रशासन का आरोप है कि संजय टम्टा और उनके साथ मौजूद कुछ लोगों ने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की, अभद्र व्यवहार किया तथा जब्त सामान लेकर जा रहे पालिका वाहन को भी रोक दिया। घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
घटना के बाद नगर पालिका कर्मचारी संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी मसूरी कोतवाली पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान लगातार धमकियां और विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके बीच असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
पालिका कर्मचारी संघ के महामंत्री प्रकाश बडोनी ने कहा कि कर्मचारी शहर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर अवैध कारोबार कर रहे हैं और कार्रवाई का विरोध कर कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी आंदोलन और कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे।
नगर पालिका ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि घटना से पहले संजय टम्टा द्वारा एक कर्मचारी को फोन पर धमकी दी गई थी। इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है, जिसे जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
वहीं, मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि नगर पालिका की ओर से प्राप्त शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने पुलिस को भेजे पत्र में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, कर्मचारियों को धमकाने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गए हैं।



