अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर डीएम सख्त, 24 घंटे निगरानी और संयुक्त अभियान के निर्देश

बिजनौर – जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अवैध खनन, परिवहन एवं ओवरलोडिंग पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग से न केवल राजस्व की हानि होती है, बल्कि सड़क सुरक्षा और पर्यावरण पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है, इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अवैध खनन अथवा ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहनों की अद्यतन सूची तैयार कर नियमित रूप से संधारित की जाए। प्रत्येक वाहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई, चालान, जब्ती एवं वसूली का पूरा विवरण भी सूची में दर्ज किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और उच्च स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हो सके।उन्होंने परिवहन एवं पुलिस विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि गलत नंबर प्लेट, छेड़छाड़ किए गए नंबर अथवा बिना नंबर प्लेट के संचालित वाहनों की सघन चेकिंग की जाए। ऐसे वाहनों का पूरा विवरण अभिलेखों में दर्ज करते हुए संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।डीएम ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग तथा बिना वैध प्रपत्रों के खनिज परिवहन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने, ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार चालान एवं जब्ती की कार्रवाई करने तथा खनन क्षेत्रों में सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं, वहां ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी बढ़ाई जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर स्थापित चेक पोस्ट 24 घंटे सक्रिय रहें और प्रत्येक संदिग्ध वाहन की गहन जांच की जाए। पुलिस एवं परिवहन विभाग को रात्रि के समय विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।खनन विभाग को सभी पट्टाधारकों के कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया। बैठक में अंशिका दीक्षित, वान्या सिंह, स्मृति मिश्रा सहित सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



