लापरवाही पर बड़ा एक्शन: हरिद्वार के डीपीआरओ हटाए गए, जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित

हरिद्वार: उत्तराखंड शासन ने कार्यों में कथित लापरवाही के आरोपों के बीच हरिद्वार के जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) अतुल प्रताप सिंह को पद से हटा दिया है। शासन ने उन्हें पंचायती राज निदेशालय, देहरादून से संबद्ध कर दिया है। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
शासन के आदेश के अनुसार हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ललित नारायण मिश्रा को डीपीआरओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि अतुल प्रताप सिंह के खिलाफ कार्यों में लापरवाही को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद शासन ने कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक हरिद्वार के कुछ लोगों द्वारा शासन को शिकायत पत्र भेजे गए थे। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शासन ने प्रारंभिक स्तर पर उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिया। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
गठित जांच समिति में शासन के संयुक्त सचिव ध्रुव मोहन सिंह राणा, पंचायती राज विभाग के संयुक्त निदेशक राजीव कुमार नाथ त्रिपाठी तथा वित्त नियंत्रक शशि सिंह को शामिल किया गया है। समिति जल्द ही हरिद्वार का दौरा कर शिकायतों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल हरिद्वार में डीपीआरओ की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा संभालेंगे।
सूत्रों के अनुसार जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन द्वारा स्थायी व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर नए डीपीआरओ की नियुक्ति भी की जा सकती है।



