SIR को लेकर कांग्रेस विधायक लामबंद, फॉर्म-7 के दुरुपयोग और फर्जी आपत्तियों का लगाया आरोप

हरिद्वार: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर हरिद्वार में कांग्रेस के कई विधायक जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। विधायकों ने फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग और फर्जी आपत्तियां दर्ज कराकर पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन से शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की।
कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले कांग्रेस विधायकों में ममता राकेश, काजी निजामुद्दीन, फुरकान अहमद, रवि बहादुर और वीरेंद्र जाती शामिल रहे। बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद भी उनके साथ मौजूद रहे। विधायकों ने एडीएम जितेंद्र कुमार के साथ बैठक कर SIR प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतें और आपत्तियां रखीं।
फॉर्म-7 को लेकर उठाए सवाल
मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि कई मामलों में एक ही परिवार के अलग-अलग लोगों के नाम से शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि बीएलओ और पूर्व विधायक के परिवार तक के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
काजी निजामुद्दीन ने कहा कि ऐसी शिकायतें केवल एक विधानसभा क्षेत्र में नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में सामने आ रही हैं। उन्होंने हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आने का दावा किया।
प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा
एडीएम जितेंद्र कुमार ने कहा कि विधायकों की ओर से SIR से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई है। फॉर्म-7 को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं और इनकी जांच की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक लाभ के लिए पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भाजपा से जुड़े लोगों पर भी कथित तौर पर वोट कटवाने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया।
30 शिकायतें दर्ज करने का भी दावा
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि कुछ लोग जानबूझकर फर्जी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। एक व्यक्ति द्वारा करीब 30 शिकायतें दर्ज कराने का भी आरोप लगाया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि चुनाव आयोग की जांच में शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
विधायकों ने कहा कि इस मामले में चुनाव आयोग के संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी गई है। जरूरत पड़ने पर वे इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन और अदालत तक ले जाने की बात भी कह रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने भी प्रेस वार्ता कर SIR के दौरान फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया था। उन्होंने सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों पर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी।



