चमोली में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन और जलभराव, 7 मजदूरों की मौत; 3 अब भी लापता

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। टनल में अचानक भूस्खलन के साथ तेज जल रिसाव होने से वहां काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए। एसडीआरएफ के मुताबिक हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 14 घायलों को जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। तीन मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टनल के भीतर लूज हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गया। इसके साथ ऊपरी हिस्से में जमा पानी भी तेज बहाव के साथ टनल में घुस गया। अचानक आए मलबे और पानी के सैलाब से मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई मजदूर पानी में डूब गए, जबकि कुछ मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए।
हादसे के बाद टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया गया। घटनास्थल से निकाले गए घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया। अस्पताल में भर्ती मजदूरों के मुताबिक हादसे के समय टनल के भीतर अचानक धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और कुछ ही पलों में तेज रफ्तार से पानी अंदर घुसने लगा।
पंजाब के तरनतारन निवासी 47 वर्षीय सबीर सिंह भी हादसे में घायल हुए हैं। उनका जबड़ा टूट गया है। उन्होंने बताया कि अचानक टनल का हिस्सा टूटने के बाद पानी का तेज बहाव आया और देखते ही देखते मजदूर इधर-उधर गिरने लगे। उन्होंने बताया कि किसी तरह वह इस हादसे में अपनी जान बचा पाए।
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव निवासी 20 वर्षीय सुनील दीवान ने बताया कि हादसे के समय मजदूर परियोजना के पीपलकोटी साइड की ओर मौजूद थे। अचानक पानी भरने के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर डूबने लगे।
झारखंड निवासी विनोद रुआना के मुताबिक टनल में अचानक विस्फोट जैसी आवाज सुनाई दी और इसके बाद तेजी से पानी अंदर आया। हादसे में दीना बगैरा के दोनों पैर जख्मी हुए हैं। हिमाचल प्रदेश के घायल तिलक राज ने बताया कि टनल के करीब 1800 मीटर बिंदु पर जलप्रवाह आया और इसी दौरान हादसा हुआ।
पीपलकोटी की इसी टीएचडीसी परियोजना की टनल में पहले भी बड़ा हादसा हो चुका है। 30 दिसंबर 2025 को शिफ्ट बदलने के दौरान मजदूरों और कर्मचारियों को ले जा रही लोको ट्रेन की सामान ढोने वाली दूसरी लोको ट्रेन से टक्कर हो गई थी। उस समय ट्रेन में करीब 110 लोग सवार थे और हादसे में 88 श्रमिक घायल हुए थे।
फिलहाल तीन लापता मजदूरों की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है। हादसे के कारणों और टनल में जल रिसाव की वास्तविक स्थिति की जांच की जा रही है।



