
छात्रों को अपनी क्षमता पहचानने और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की तैयारी में मदद करने वाला सबसे बड़ा टैलेंट हंट एग्जाम
देहरादून: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए क्या पढ़ना है, यह जानना सफलता की तैयारी का सिर्फ एक हिस्सा है। अपनी मौजूदा स्थिति, अपनी मजबूतियों और उन क्षेत्रों को समझना जहां सुधार की जरूरत है, उतना ही महत्वपूर्ण है। आकाश नेशनल टैलेंट हंट एग्जाम (एंथे) पिछले 16 वर्षों से तैयारी और छात्रों की सेल्फ-अवेयरनेस के बीच इसी गैप को दूर करने की दिशा में काम कर रहा है।
एंथे की शुरुआत से अब तक 1 करोड़ से अधिक छात्रों के रजिस्ट्रेशन के साथ, यह परीक्षा भारत के सबसे बड़े और सबसे लंबे समय से संचालित स्टूडेंट असेसमेंट प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुकी है। टैलेंट की पहचान के उद्देश्य से शुरू हुई यह पहल अब एक स्ट्रक्चर्ड अकादमिक बेंचमार्क के रूप में विकसित हो गई है, जो छात्रों को अपनी तैयारी का आकलन करने, अपनी कॉम्पिटिटिव पोटेंशियल को समझने और आगे की शैक्षणिक यात्रा के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में मदद करती है।
किसी ऐसी परीक्षा से अलग, जो केवल अंतिम स्कोर के आधार पर प्रदर्शन का आकलन करती है, एंथे को एक व्यापक और वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए डायग्नोस्टिक असेसमेंट के रूप में डिजाइन किया गया है। परीक्षा का हर सवाल एक खास उद्देश्य के साथ तैयार किया जाता है और उसे संबंधित कॉन्सेप्ट और कॉम्पिटेंसी से जोड़ा गया है। इससे छात्रों का आकलन केवल विषय के ज्ञान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि एप्टीट्यूड, एनालिटिकल एबिलिटी और एग्जाम बिहेवियर को भी समझने में मदद मिलती है। इस तरह छात्रों को अपनी परफॉर्मेंस की ज्यादा स्पष्ट और उपयोगी समझ मिलती है, बजाय इसके कि उनकी पूरी तैयारी को सिर्फ एक स्कोर या नंबर तक सीमित कर दिया जाए।
इस शुरुआती आकलन का महत्व उन छात्रों की सफलता की यात्राओं से भी स्पष्ट होता है, जिन्होंने आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन किया। NEET UG 2026 में टॉप 100 में रैंक हासिल करने वाले आकाश के 41 छात्रों में से 31 छात्र पहले एंथे में क्वालीफाई कर चुके थे। इसी तरह, JEE Advanced 2026 के टॉप 100 में जगह बनाने वाले 11 छात्रों में से 7 छात्र एंथे से जुड़े रहे हैं। ये उपलब्धियां बताती हैं कि छात्र की शुरुआती पहचान, व्यवस्थित अकादमिक तैयारी और लगातार मार्गदर्शन उसकी प्रतियोगी परीक्षा की पूरी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एंथे के महत्व पर बात करते हुए, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) के एमडी एवं सीईओ, चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा: “हमारे लिए एंथे कभी भी सिर्फ ऐसी परीक्षा नहीं रही है, जो किसी छात्र की स्कॉलरशिप तय करती हो। इसका बड़ा उद्देश्य छात्रों को अपनी अकादमिक क्षमता को समझने में मदद करना है, खासकर उस स्तर पर जब सही मार्गदर्शन उनके भविष्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। पिछले 16 वर्षों में 1 करोड़ से अधिक छात्रों ने खुद को बेंचमार्क करने और यह समझने के अवसर के रूप में एंथे पर भरोसा किया है कि वे इस समय कहां खड़े हैं। एंथे को खास बनाने वाली बात यह है कि यह सिर्फ यह नहीं बताता कि छात्र ने कितने अंक हासिल किए, बल्कि यह भी समझने में मदद करता है कि उसका प्रदर्शन उसकी मजबूतियों, तैयारी के स्तर और उन क्षेत्रों के बारे में क्या बताता है, जिन पर उसे और काम करने की जरूरत है। हमारा प्रयास है कि हर छात्र एंथे के बाद अपनी अकादमिक यात्रा को लेकर ज्यादा स्पष्टता और आगे बढ़ने के लिए बेहतर समझ के साथ आगे बढ़े।”
परीक्षा का महत्व सिर्फ एग्जाम देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद छात्रों को मिलने वाली जानकारी भी इसे खास बनाती है। एंथे में शामिल होने वाले हर छात्र को एक विस्तृत ‘एंथे इंटेलिजेंस रिपोर्ट’ दी जाती है, जिसे परीक्षा के प्रदर्शन को उपयोगी और व्यावहारिक अकादमिक इनसाइट्स में बदलने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह रिपोर्ट छात्रों को विषयवार अपनी मजबूतियों और उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करती है, जिन पर उन्हें अधिक ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही, यह उन्हें यह समझने का नजरिया भी देती है कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की चुनौतियों का सामना करने के लिए कितने तैयार हैं। रिपोर्ट छात्र के प्रदर्शन के तीन अलग-अलग पहलुओं का भी विश्लेषण करती है—कॉम्पिटिटिव एग्जाम सक्सेस पोटेंशियल (CESP), टेस्ट-टेकिंग पर्सनैलिटी (TTP) और अटेम्प्ट इंटेलिजेंस कोशिएंट (AIQ)। ये तीनों पहलू मिलकर यह समझने में मदद करते हैं कि कोई छात्र परीक्षा को किस तरह अप्रोच करता है—उच्च स्तर की सोच और प्रतियोगी चुनौतियों से निपटने की क्षमता से लेकर उसके एग्जाम बिहेवियर और अटेम्प्ट, एक्यूरेसी तथा रिस्क के बीच संतुलन तक।
इस वजह से एंथे सिर्फ उन छात्रों के लिए ही उपयोगी नहीं है, जो पहले से JEE या NEET की तैयारी कर रहे हैं, बल्कि उन छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो अपनी अकादमिक यात्रा के शुरुआती दौर में हैं। नेशनल बेंचमार्किंग के जरिए छात्र यह समझ सकते हैं कि वे अपने राज्य और पूरे देश के अन्य छात्रों की तुलना में कहां खड़े हैं। यह असेसमेंट उन्हें अपनी परफॉर्मेंस को कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स के नजरिए से देखने और आगे बढ़ते हुए उन क्षेत्रों की पहचान करने में भी मदद करता है, जिनमें उन्हें अपनी पकड़ मजबूत करने की जरूरत है। एंथे की मूल सोच यही है कि असेसमेंट का उद्देश्य सिर्फ रिजल्ट देना नहीं, बल्कि उसे एक्शन में बदलना होना चाहिए। छात्र का रिजल्ट केवल यह न बताए कि उसका प्रदर्शन अच्छा रहा या नहीं, बल्कि यह भी समझने में मदद करे कि वह किन क्षेत्रों में बेहतर है, कहां सुधार की जरूरत है और आगे उसे किस पर फोकस करना चाहिए। अकादमिक असेसमेंट, कॉम्पिटिटिव रेडीनेस और एग्जाम बिहेवियर—इन तीनों पहलुओं को एक साथ जोड़कर, एंथे का उद्देश्य छात्रों को उनकी अकादमिक यात्रा के सबसे चुनौतीपूर्ण पड़ाव पर पहुंचने से काफी पहले ही अपनी क्षमता और तैयारी को बेहतर ढंग से समझने का अवसर देना है।
एंथे की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि स्कॉलरशिप भी है, जिसके माध्यम से योग्य छात्र आकाश के क्लासरूम, हाइब्रिड और डिजिटल प्रोग्राम्स का लाभ उठा सकते हैं। एंथे 2026 के तहत निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार छात्रों को 100% तक स्कॉलरशिप मिल सकती है। इसके अलावा, टॉप परफॉर्मर्स के लिए ₹2.5 करोड़ के कैश प्राइज भी रखे गए हैं।
यह परीक्षा कक्षा V से XII तक के छात्रों के लिए खुली है और ऑनलाइन व ऑफलाइन, दोनों माध्यमों में आयोजित की जाएगी। एंथे 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन अब शुरू हो चुके हैं और छात्र आधिकारिक एंथे पोर्टल तथा देशभर में मौजूद आकाश सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन परीक्षा 27 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक आयोजित होगी, जबकि ऑफलाइन परीक्षा 11 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।



