उत्तराखंड

देहरादून में शराब की दुकानों पर देर रात छापेमारी, ओवररेटिंग समेत कई अनियमितताएं मिलीं

देहरादून। शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार देर रात मजिस्ट्रेट की अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शराब की दुकानों पर औचक छापेमारी की। जांच के दौरान निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने, स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं होने, अनाधिकृत सेल्समैन मिलने और रेट लिस्ट चस्पा नहीं होने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद और हर्षिता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह तथा एसडीएम मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा के नेतृत्व में टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में दुकानों की जांच की। इस दौरान संबंधित क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक भी मौजूद रहे।

सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर की टीम ने माजरा, पटेलनगर और आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण किया। आईएसबीटी स्थित शराब की दुकान पर ओवररेटिंग की शिकायत सही पाई गई। जांच के दौरान दुकान में रखी 42 शराब की बोतलों के बैच नंबर उपलब्ध अभिलेखों से मेल नहीं खाए। इसके अलावा दुकान पर अनाधिकृत सेल्समैन मिले और निर्धारित रेट लिस्ट भी चस्पा नहीं थी।

वहीं, एसडीएम मुख्यालय की टीम ने प्रेमनगर क्षेत्र में शराब की दुकानों का निरीक्षण किया। यहां एक दुकान का स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं मिला। जांच के दौरान अनाधिकृत सेल्समैन भी पाए गए।

जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की टीम ने कई दुकानों की जांच की। इस दौरान स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं होने, निर्धारित रेट लिस्ट और आबकारी विभाग का शिकायत नंबर प्रदर्शित नहीं होने तथा अनाधिकृत सेल्समैन मिलने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।

छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीमों ने स्टॉक, बिक्री अभिलेख, बैच नंबर, निर्धारित बिक्री दर, रेट लिस्ट, सेल्समैन की वैधता और शिकायत नंबर सहित विभिन्न बिंदुओं की जांच की।

जिलाधिकारी आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, अनाधिकृत व्यक्तियों से बिक्री और अभिलेखों में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित औचक निरीक्षण करने और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन ने कहा है कि ओवररेटिंग और अन्य अनियमितताओं की शिकायतों पर आगे भी आकस्मिक जांच अभियान जारी रहेगा।

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