उत्तराखंड

उत्तराखंड में अवैध हथियारों का नेटवर्क बेनकाब, 6 महीने में 25 सप्लायर गिरफ्तार, फर्जी लाइसेंस रैकेट का भी खुलासा

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार बरामद हो रहे अवैध हथियारों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की कार्रवाई में पिछले छह महीनों के दौरान 25 हथियार तस्करों की गिरफ्तारी हुई है। इनके कब्जे से 40 अवैध हथियार और 483 कारतूस बरामद किए गए हैं। जांच में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति खड़ी करने वाले संगठित रैकेट का भी खुलासा हुआ है।

 

40 अवैध हथियार और 483 कारतूस बरामद

 

एसटीएफ के अनुसार जनवरी 2026 से राज्यभर में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान 21 पिस्टल, 10 तमंचे, पांच ऑटोमैटिक पंप एक्शन गन, दो राइफल और दो रिवॉल्वर समेत कुल 40 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।

 

फर्जी शस्त्र लाइसेंस का बड़ा नेटवर्क आया सामने

 

जांच में खुलासा हुआ है कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कर कानूनी हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त का संगठित नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। एसटीएफ के मुताबिक इस गिरोह ने फर्जी लाइसेंस के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की। मामले की जांच अब उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब तक पहुंच गई है।

 

दो तरीकों से पहुंच रहे अवैध हथियार

 

एसटीएफ की शुरुआती जांच में सामने आया है कि उत्तराखंड में अवैध हथियार दो माध्यमों से पहुंच रहे हैं। पहला, बिना लाइसेंस की सीधी तस्करी और दूसरा, फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए कानूनी हथियारों को अवैध रूप से हासिल करना। इसी वजह से कई राज्यों की जांच एजेंसियां भी इस नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं।

 

कुमाऊं यूनिट ने किया मास्टरमाइंड गिरफ्तार

 

एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट ने हाल ही में फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट के मास्टरमाइंड शाहजहांपुर निवासी सदानंद शर्मा को गिरफ्तार किया था। जांच में उसके बैंक खाते में फर्जी लाइसेंस के कारोबार से करीब 1.70 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है।

 

सोशल मीडिया और हर्ष फायरिंग बना नया ट्रेंड

 

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि वर्तमान में अवैध हथियार रखना एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग के लिए हथियारों का इस्तेमाल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऑल इंडिया शस्त्र लाइसेंस तैयार कर हथियार खरीदे जा रहे हैं और बाद में उन्हें उत्तराखंड में ट्रांसफर किया जा रहा है। ऐसे मामलों में एसटीएफ लगातार कार्रवाई कर रही है।

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