उत्तराखंड

इंदौर में घी पर रोक के बाद उत्तराखंड में अलर्ट, दूध-डेयरी उत्पादों की जांच तेज

हल्द्वानी: इंदौर में एक प्रतिष्ठित कंपनी के घी की बिक्री पर रोक लगाए जाने के बाद उत्तराखंड में भी खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट हो गया है। कुमाऊं कमिश्नर के निर्देश पर दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने पनीर, घी समेत अन्य डेयरी उत्पादों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

 

खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष नजर सिंथेटिक दूध और उससे तैयार होने वाले पनीर, खोया और घी जैसे उत्पादों पर है। अधिकारियों के निर्देश के बाद टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके रखरखाव की जांच की।

 

खुले में ले जाए जा रहे पनीर के भी लिए सैंपल

 

अभियान के दौरान टीमों ने खुले में और बिना उचित व्यवस्था के परिवहन किए जा रहे पनीर की भी जांच की। कई स्थानों से पनीर के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए स्टेट फूड लैब रुद्रपुर भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

 

संबंधित कंपनी के घी के भी लिए गए नमूने

 

इंदौर में जिस कंपनी के घी की बिक्री पर रोक लगाई गई है, उसके घी के नमूने भी उत्तराखंड में लिए गए हैं। विभाग इन नमूनों की गुणवत्ता की जांच करा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावट पाए जाने पर कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। चाहे उत्पाद किसी बड़े और प्रतिष्ठित ब्रांड का हो या स्थानीय दुकानदार का, खाद्य मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

रिपोर्ट में गड़बड़ी मिली तो मुकदमा और सीलिंग

 

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजब कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल लिए गए सभी सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट में मिलावट या अन्य गंभीर अनियमितता सामने आने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ सीलिंग जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

 

विभाग का कहना है कि दूध और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा। खासतौर पर त्योहारों और बढ़ती मांग के बीच मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए बाजारों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।

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