उत्तराखंड

गदरपुर में फर्जी प्रमाण-पत्रों पर प्रशासन का शिकंजा, पांच प्रमाण-पत्र निरस्त; दो पुलिस को सौंपे

गदरपुर। तहसील क्षेत्र में कूटरचित अभिलेखों के आधार पर स्थायी निवास, जाति समेत अन्य प्रमाण-पत्र बनवाने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच में सामने आए मामलों में प्रमाण-पत्र निरस्त करने के साथ ही संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मामले में भूमिका सामने आने पर गदरपुर निवासी निखिल वर्मा और शुभम हुडिया को तहसील प्रशासन ने पूछताछ के बाद गदरपुर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है। दोनों के खिलाफ अभी मुकदमा दर्ज किया जाना बाकी है।

प्रशासन के अनुसार, कूटरचित दस्तावेजों से तैयार किए गए प्रमाण-पत्रों का इस्तेमाल देहरादून में नीट परीक्षा के बाद एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्त करने के उद्देश्य से किया जाना था। शुक्रवार को तहसीलदार लीना चंद्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कुछ लोगों द्वारा कूटरचित अभिलेखों के आधार पर प्रमाण-पत्र तैयार करवाए जाने की जानकारी सामने आई है।

जांच के दौरान अब तक पांच व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कूटरचित अभिलेखों के आधार पर जारी स्थायी एवं अनाथ प्रमाण-पत्र निरस्त किए गए हैं। वहीं, जाति प्रमाण-पत्रों के संबंध में नियमानुसार जिला स्क्रूटनी समिति को संस्तुति भेजी गई है।

तहसीलदार के अनुसार, निखिल वर्मा और शुभम हुडिया की भूमिका सामने आने के बाद दोनों से गहन पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान दोनों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। प्रशासन के मुताबिक, मोबाइल फोन में प्रकरण से संबंधित रिकॉर्डिंग और दस्तावेज पाए गए हैं। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए दोनों मोबाइल फोन पुलिस के सुपुर्द कर दिए गए हैं।

पूछताछ और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद दोनों युवकों को तहसील प्रशासन ने गदरपुर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। दोनों के खिलाफ अभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगी।

तहसीलदार लीना चंद्रा ने बताया कि उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में जांच की कार्रवाई देर रात से सुबह करीब तीन बजे तक चली। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कूटरचित अभिलेख तैयार कर शासकीय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने या उनके आधार पर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी डॉ. अमृता शर्मा, तहसीलदार लीना चंद्रा धामी, राजस्व निरीक्षक विनोद कुमार समेत संबंधित राजस्व कार्मिक और पटवारी मौजूद रहे।

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