उत्तराखंड में आज होगी तेज बारिश, 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; देहरादून में कई इलाकों में जलभराव

देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार को बारिश का दौर और तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। चमोली, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून में शुक्रवार रात से शनिवार तक बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार के मुताबिक शनिवार को देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
देहरादून में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव
शुक्रवार को देहरादून में हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। शुकुरपुर, अस्पताल रोड, धर्मपुर, डील रोड, प्रिंस चौक और डालनवाला समेत कई क्षेत्रों में सड़कें और आबादी वाले हिस्से पानी से भर गए। इससे लोगों को कार और स्कूटर से आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
जलभराव की सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और पानी की निकासी का काम शुरू किया। नगर आयुक्त लोकेश कुमार पांडेय ने अधिकारियों को जलभराव की समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
आपदा कंट्रोल रूम में कर्मचारियों की कमी पर सवाल
बारिश के बीच नगर निगम के आपदा कंट्रोल रूम की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। बताया गया कि पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने के कारण लोगों को शिकायत दर्ज कराने में परेशानी हुई। दोपहर बाद करीब चार बजे तक फोन पर शिकायत सुनने के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई।
देर शाम रामकृष्ण झील क्षेत्र में जलभराव की शिकायत भी सामने आई। बारिश के दौरान शिकायतों की निगरानी और उन्हें रजिस्टर में दर्ज करने के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था को लेकर भी दिक्कतें बताई गईं।
नगर निगम की ओर से पहले ही बारिश और पर्वतीय क्षेत्रों में आपात स्थिति को देखते हुए पर्याप्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में शनिवार को मौसम खराब रहने के पूर्वानुमान के बीच नगर निगम के सामने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत और शिकायतों के निस्तारण की चुनौती रहेगी।



