अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस ने सरकार से पूछे सवाल, स्थायी भर्ती और युवाओं के भविष्य पर उठाए मुद्दे

देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने प्रेस वार्ता कर अग्निवीर योजना को लेकर केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड में सेना में भर्ती की परंपरा को देखते हुए अग्निवीर योजना का असर राज्य के युवाओं पर विशेष रूप से पड़ता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अग्निवीर योजना के तहत युवाओं को चार वर्ष की सेवा के बाद भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि स्थायी सैनिकों और अग्निवीरों के बीच सेवा अवधि, वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर क्या अंतर है और चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद शेष युवाओं के लिए सरकार की क्या व्यवस्था है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होने की तैयारी करते हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि चार वर्ष की सेवा के बाद अग्निवीरों के सामाजिक और रोजगार संबंधी भविष्य की क्या गारंटी है और 75 प्रतिशत युवाओं के लिए रोजगार के अवसर किस प्रकार सुनिश्चित किए जाएंगे।
डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकारी विभागों में आरक्षण या प्राथमिकता की बात पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि कितने पूर्व अग्निवीरों को वास्तव में सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सेना में भर्ती को केवल रोजगार के आंकड़े सुधारने के माध्यम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने नियमित और पारदर्शी सैन्य भर्ती जारी रखने, रिक्त पदों को भरने, उत्तराखंड के लिए विशेष भर्ती नीति बनाने और पूर्व अग्निवीरों के लिए पुनर्वास पैकेज तैयार करने की मांग रखी।
कर्नल राम रतन नेगी ने 2023 के सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पहले प्रतिवर्ष करीब 80 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की बात थी, जबकि अब यह संख्या करीब 47 हजार बताई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी किया जाता है तो प्रतिवर्ष करीब 12 हजार युवाओं को ही स्थायी रोजगार मिलेगा।
कांग्रेस की ओर से सरकार से यह भी पूछा गया कि चार वर्ष की सेवा के बाद अग्निवीरों के लिए उच्च शिक्षा, सरकारी नौकरी, तकनीकी प्रशिक्षण, स्वरोजगार और बैंक ऋण जैसी सुविधाओं की क्या ठोस व्यवस्था है। साथ ही पूर्व अग्निवीरों को अब तक कितनी सरकारी नौकरियां मिली हैं और रिक्त पद कब तक भरे जाएंगे, इस पर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका विरोध सेना या सैनिकों से नहीं, बल्कि भर्ती व्यवस्था से जुड़े सवालों से है। उन्होंने सरकार से अग्निवीरों के भविष्य और सेवा सुरक्षा को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की मांग की।
इस दौरान पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह समेत अन्य नेता मौजूद रहे।



