रुद्रप्रयाग में बारिश का कहर: जलमग्न हुई शिव प्रतिमा, भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे बंद

रुद्रप्रयाग: जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं, जबकि बेलनी क्षेत्र में अलकनंदा नदी के किनारे स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा पूरी तरह जलमग्न हो गई है। यह दृश्य नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ जैसे हालात की गंभीरता को दर्शा रहा है।
बारिश का सबसे अधिक असर सड़क संपर्क पर पड़ा है। श्रीनगर–रुद्रप्रयाग के बीच सिरोबगड़ में भूस्खलन के चलते बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। वहीं केदारनाथ हाईवे के बांसबाड़ा क्षेत्र में लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं, जिससे मार्ग पर आवागमन जोखिम भरा बना हुआ है और बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
जिले में अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं। अलकनंदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव दल पूरी तरह अलर्ट पर हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं, अनावश्यक यात्रा से बचें और विशेष रूप से बदरीनाथ एवं केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी है।
प्रशासन का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनज़र लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है। एहतियातन देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़, चमोली, चंपावत और उत्तरकाशी सहित कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।



