पंजाबी समाज के सम्मान पर टिप्पणी का आरोप, 48 घंटे का अल्टीमेटम; आमरण अनशन की चेतावनी

देहरादून: कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और आकांक्षा नेगी को लेकर पंजाबी समाज ने नाराजगी जताई है। पंजाबी महासभा का आरोप है कि एक मामले में समाज के लिए ‘पाकिस्तानी’ शब्द का इस्तेमाल कर सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य कुंवर जपेंद्र सिंह और सभा से जुड़े पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर कार्रवाई की मांग की।
प्रेस वार्ता में जपेंद्र सिंह ने कहा कि ‘पाकिस्तानी’ शब्द का इस्तेमाल अपमानजनक और राष्ट्र विरोधी है। उन्होंने कहा कि रायपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमेश शर्मा काऊ समेत समस्त पंजाबी समाज के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत की शह पर आकांक्षा नेगी लगातार पंजाबी समाज को अपमानित करती रही हैं। उनका आरोप है कि जब आकांक्षा नेगी की ओर से कथित तौर पर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया गया, उस दौरान हरक सिंह रावत उनके साथ खड़े होकर उन्हें उकसाने का काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे देशभक्त पंजाबी खत्री समाज आहत हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान किसी को भी देशभक्त पंजाबियों को अपमानित करने वाले शब्दों का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देता। जपेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की विचारधारा में आज भी सिखों और पंजाबियों के प्रति नफरत है। उन्होंने हरक सिंह रावत और आकांक्षा नेगी पर समाज को बांटने का भी आरोप लगाया।
जपेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर आकांक्षा नेगी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह और पंजाबी समाज के लोग आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत को कैंट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। जपेंद्र सिंह ने कहा कि यदि हरक सिंह रावत इस चुनौती को स्वीकार करते हैं तो पंजाबी समाज उन्हें बताएगा कि राजनीति में उनका कितना बड़ा कद है।
उन्होंने दोहराया कि यदि 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वह अपनी मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठेंगे।



