पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं पर कांग्रेस का हमला, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का लगाया आरोप

देहरादून: नीट यूजी परीक्षा दोबारा आयोजित होने के बावजूद कांग्रेस लगातार पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर हमलावर है। देहरादून में जिला कांग्रेस कमेटी ने शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी को लेकर सरकार को घेरते हुए युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार युवाओं के सवालों का जवाब देने से बच रही है, जबकि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि लाखों युवा वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक और परीक्षाओं के निरस्त होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
“युवाओं पर बढ़ रहा मानसिक दबाव”
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं के कारण युवाओं को मानसिक तनाव और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नकल माफिया और भ्रष्टाचार के कारण युवाओं का सरकारी नौकरी और परीक्षा प्रणाली से विश्वास लगातार कम हो रहा है।
कांग्रेस ने देहरादून की छात्रा रिया थापा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं पर बढ़ते मानसिक दबाव को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। पार्टी का आरोप है कि मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी योग्यता से अधिक व्यवस्था की खामियों से संघर्ष करना पड़ रहा है।
“मेहनत और प्रतिभा का मूल्य घट रहा”
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब बार-बार प्रश्नपत्र लीक होते हैं, परीक्षाएं रद्द होती हैं और नकल माफिया सक्रिय रहते हैं, तब युवाओं के मन में यह धारणा बनती है कि मेहनत और प्रतिभा का कोई महत्व नहीं रह गया है। इससे सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है और लाखों युवाओं का मनोबल टूट रहा है।
सरकार पर लगाया दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
कांग्रेस ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार सख्त नकल विरोधी कानून की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा, “साल 2017 से अब तक भाजपा सरकार ऐसी कोई परीक्षा नहीं करा पाई है जिसमें धांधली के आरोप न लगे हों। पेपर लीक मामलों में आरोपियों के खिलाफ कमजोर पैरवी के कारण भी कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पा रही है।”
कांग्रेस ने मांग की है कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा भर्ती परीक्षाओं को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाए, ताकि युवाओं का विश्वास बहाल हो सके।



