उत्तराखंड

नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन उग्र: टंकी पर चढ़े प्रदर्शनकारी, पेट्रोल छिड़क आत्मदाह का प्रयास

देहरादून। नर्सिंग अधिकारियों की वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। पिछले कई दिनों से नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले एकता विहार धरना स्थल पर बैठे बेरोजगार अभ्यर्थियों ने सोमवार सुबह परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

बुधवार को आंदोलन ने नाटकीय मोड़ ले लिया, जब टंकी पर चढ़े प्रदर्शनकारियों में से एक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद अन्य साथियों ने किसी तरह उसे रोक लिया। इसके बाद नीचे धरने पर बैठे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश में सड़क जाम कर दी।

40 घंटे से अधिक समय से टंकी पर डटे आंदोलनकारी

जानकारी के अनुसार, विनोद, धर्मेंद्र, कविता, आनंद और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला टंकी पर चढ़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि 40 घंटे से अधिक समय से वे वहीं डटे हुए हैं।

फोन पर बातचीत में आंदोलनकारियों ने बताया कि लंबे समय से शौच न जाने और भोजन न करने के कारण उन्हें एसिडिटी, गैस, सिरदर्द, रक्तचाप और शुगर लेवल असंतुलन जैसी समस्याएं हो रही हैं।

एक वरिष्ठ फिजिशियन ने बताया कि लंबे समय तक भोजन न करने और मल त्याग न होने की स्थिति में शरीर में कीटोसिस की अवस्था उत्पन्न हो सकती है, जिसमें शरीर की मांसपेशियां और वसा तेजी से टूटने लगती हैं। 48 घंटे से अधिक समय तक यह स्थिति बनी रहने पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है।

सड़क जाम, प्रशासन में हड़कंप

आत्मदाह के प्रयास की घटना के बाद नीचे बैठे प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और शाम करीब छह बजे से सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। इससे शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।

करीब साढ़े पांच महीने से चल रहे इस आंदोलन की एक ही मांग है—नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती वर्षवार आधार पर वरिष्ठता के अनुसार की जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस आश्वासन या शासनादेश जारी नहीं किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता बेनतीजा

सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री के साथ कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। कांग्रेस नेताओं ने भी आश्वासन का संदेश लेकर आंदोलनकारियों को मनाने की कोशिश की, मगर उन्होंने शासनादेश जारी होने तक आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया।

दिन और रात बीतने के बावजूद जब कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला तो मंगलवार देर शाम टंकी पर चढ़ी ज्योति रौतेला ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। हालांकि साथ मौजूद अन्य चार लोगों ने उन्हें तुरंत रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

शाम 4 बजे धरना स्थगित

हालांकि लगातार वार्ता और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद बुधवार को लगभग शाम 4 बजे प्रदर्शनकारियों ने धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया और टंकी से नीचे उतर आए।

प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी है और आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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