उत्तराखंड में मॉनसून का असर तेज, 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर मलबा गिरने से दो लेन बंद

देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को देहरादून समेत गढ़वाल और कुमाऊं के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से राहत मिली। मौसम विभाग ने बुधवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, लगातार बारिश के बीच दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पहली बड़ी चुनौती सामने आई है, जहां सहारनपुर के बिहारीगढ़ स्थित वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के बाद दो लेन बंद करनी पड़ीं।
9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और मैदानी जिलों हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
दून मेडिकल कॉलेज में बनाई गई क्विक रिस्पांस टीम
मॉनसून के दौरान संभावित आपदाओं को देखते हुए दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 12 सदस्यीय क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गठित की गई है। प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने एमएस डॉ. आर.एस. बिष्ट के नेतृत्व में टीम का गठन किया है, जो किसी भी आपदा या बड़े हादसे की सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर सक्रिय होकर घायलों को उपचार उपलब्ध कराएगी। साथ ही प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को भी ऐसी टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर मलबा गिरने से ट्रैफिक प्रभावित
लगातार बारिश के कारण सहारनपुर के बिहारीगढ़ स्थित वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के पास पहाड़ी से मलबा गिर गया, जिससे एक्सप्रेसवे की एक दिशा की तीन में से दो लेन बंद करनी पड़ीं। एहतियातन एनएचएआई ने डाट काली मंदिर की ओर जाने वाले एलिवेटेड फ्लाईओवर को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ।
भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षा कार्य तेज
एनएचएआई ने संभावित भूस्खलन को देखते हुए पहाड़ियों की सुरक्षा का कार्य तेज कर दिया है। डाट काली मंदिर से पहले चार स्थानों पर ढलानों की कटिंग, स्टील वायर जाल और गहरी पाइलिंग का कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होने तक यातायात नियंत्रित तरीके से संचालित किया जाएगा।
बारिश से एक्सप्रेसवे को भी नुकसान
बारिश का असर एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों पर भी देखने को मिला है। बागपत के गांगनौली अंडरपास के पास हाल ही में बना सीसी स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि मिट्टी के पुश्ते में कटान होने से खतरा बढ़ गया है। वहीं मुजफ्फरनगर के नारा-जड़ौदा क्षेत्र में जलभराव के कारण यातायात धीमा पड़ गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, पानी निकासी और नालों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है।



