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चारधाम यात्रा पर भ्रामक पोस्ट पड़ेगी भारी, फर्जी संदेश-वीडियो शेयर करने पर होगी कार्रवाई

चारधाम यात्रा अपडेट। चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन विभाग ने सोमवार को जारी विस्तृत आधिकारिक गाइडलाइन में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यात्रा से जुड़े फर्जी संदेश, वीडियो पोस्ट करने या उन्हें साझा करने वालों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

गाइडलाइन में कहा गया है कि गलत सूचनाएं श्रद्धालुओं को भ्रमित करने के साथ ही सार्वजनिक व्यवस्था और जनभावनाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित हर संदेश और वीडियो पर विभाग की पैनी नजर रहेगी।

साइबर अपराध पर कड़ी निगरानी

यात्रा के दौरान साइबर अपराधों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। खासकर फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से हेली टिकट बुकिंग में होने वाली धोखाधड़ी पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों की सूचना राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जा सकती है। इसके अलावा देहरादून साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में 0135-2655900 पर संपर्क या ccps.deh@uttarakhandpolice.uk.gov.in पर ईमेल से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

स्वास्थ्य जांच और तैयारी जरूरी

पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले कम से कम सात दिन का प्लान बनाएं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड, कम ऑक्सीजन और कम वायुदाब की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य परीक्षण कराना जरूरी है। प्रतिदिन पांच से दस मिनट श्वसन व्यायाम और 20-30 मिनट पैदल चलने का अभ्यास करने की सलाह दी गई है। 55 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। भ्रामक सूचना से बचना और जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का उपयोग करना आवश्यक है। सभी के सहयोग से ही यात्रा का बेहतर संचालन संभव है।

सचेत’ ऐप से मिलेगा रियल टाइम अलर्ट

प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का मोबाइल ऐप ‘सचेत’ उपयोगी रहेगा। यह ऐप भौगोलिक स्थिति के आधार पर रियल टाइम अलर्ट जारी करेगा।

टोकन सिस्टम और क्यूआर कोड व्यवस्था

धामों में दर्शन के लिए टोकन प्रणाली लागू की गई है। पंजीकरण दस्तावेज के सत्यापन के बाद श्रद्धालुओं को कुछ ही सेकेंड में टोकन मिल जाएगा। टोकन जानकीचट्टी, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, आईएसबीटी, बीआरओ सर्कल और माणा पार्किंग से लिए जा सकेंगे।

ऑफलाइन पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं को यूनिक क्यूआर कोड युक्त आईडी टिकट जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें आधार प्रमाणीकरण, बायोमेट्रिक और फेस आईडी से जोड़ा गया है। इससे यात्रा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।

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