उत्तराखंड

दून मेडिकल कॉलेज में मेस फर्जीवाड़े पर हंगामा, छात्रों को बाहर खाना खाने की नौबत

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में लाखों रुपये के मेस फर्जीवाड़े को लेकर शुक्रवार को डॉक्टरों और मेस संचालक के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद बढ़ने के बाद मेस का संचालन बंद कर दिया गया, जिससे छात्र-छात्राओं को दोपहर और रात का भोजन बाहर करना पड़ा। वहीं, हीट वेव का हवाला देते हुए कॉलेज प्रशासन ने 25 मई से 3 जून तक छुट्टियों की घोषणा कर दी है। इस दौरान होने वाले टर्म एग्जाम भी रद्द कर दिए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने मेस के एक कर्मचारी से खाने के नाम पर 30 हजार रुपये लिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। छात्रों ने मेस संचालक से मैनेजर के जरिए वसूले गए रुपये वापस कराने की मांग की। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में बहस तेज हो गई।

वहीं मेस संचालक का कहना है कि उसका पिछले छह महीने का भुगतान लंबित है। संचालक ने दावा किया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से अनुबंध के अनुसार भुगतान नहीं किया गया है। उसने बताया कि मैनेजर के खिलाफ पहले ही तहरीर दी जा चुकी है, लेकिन बिना भुगतान के मेस चलाना संभव नहीं है। संचालक ने मामले को लेकर न्यायालय जाने की चेतावनी भी दी।

इधर, कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने हीट वेव की स्थिति को देखते हुए छात्रों की छुट्टियां घोषित कर दीं। प्रशासन ने जांच समिति को जल्द रिपोर्ट सौंपने और नए मेस टेंडर की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। छुट्टियों की घोषणा के बाद अधिकांश छात्र शनिवार को घर लौटने की तैयारी में जुट गए।

पैनेसिया अस्पताल सील, पंजीकरण भी निरस्त

उधर, पैनेसिया अस्पताल में आग लगने और एक महिला मरीज की मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण किया और अस्पताल को सील कर दिया। परिसर में पांच स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का अस्थायी पंजीकरण भी निरस्त कर दिया है।

गौरतलब है कि 20 मई को रिस्पना रोड स्थित पैनेसिया अस्पताल में एसी फटने के बाद भीषण आग लग गई थी। हादसे में महिला मरीज वीरवती की मौत हो गई थी, जबकि 10 लोग घायल हुए थे। घटना के बाद मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए थे।

मृतक महिला के बेटे ने अस्पताल प्रबंधन पर अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने का आरोप लगाया है। इसी क्रम में एसडीएम अपूर्वा सिंह और सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। चौकी प्रभारी धनीराम पुरोहित ने बताया कि अस्पताल के मुख्य गेट समेत पांच स्थानों को सील किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज फिलहाल कैलाश अस्पताल में चल रहा है।

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