हरिद्वार में लग्जरी और स्लीपर बसों पर परिवहन विभाग का शिकंजा, 185 के चालान; 16 बसें सीज

हरिद्वार: यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ और परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाली लग्जरी एवं स्लीपर बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न अनियमितताएं मिलने पर 185 वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 16 वाहनों को सीज कर दिया गया। वहीं, तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले तीन वाहनों की फिटनेस निलंबित करने की संस्तुति की गई है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में जिले में संचालित लग्जरी और स्लीपर बसों की व्यापक जांच की गई। अभियान के दौरान संभागीय निरीक्षक आनंद वर्धन ने बसों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच की। एआरएम रोडवेज विशाल कुमार के साथ संयुक्त टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर बसों को रोककर उनके संचालन, संरचना, यात्री क्षमता और दस्तावेजों की पड़ताल की।
जांच में कई बसों में नियमों का उल्लंघन सामने आया। अधिकारियों के अनुसार कुछ वाहनों की संरचना में अनधिकृत बदलाव किए गए थे। इसके अलावा निर्धारित बस बॉडी कोड का उल्लंघन, क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाना और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित अनियमितताएं भी पाई गईं। अन्य यातायात एवं परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
विशेष चेकिंग अभियान में परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, मुकेश भारती, भारत भूषण और हरीश सती ने भी कार्रवाई में भूमिका निभाई। अलग-अलग टीमों ने विभिन्न स्थानों पर लग्जरी और स्लीपर बसों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की।
एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा ने बस संचालकों को निर्देश दिए कि वाहनों का संचालन स्वीकृत संरचना, निर्धारित यात्री क्षमता और बस बॉडी कोड के अनुसार ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करने, वाहनों में अनधिकृत बदलाव करने और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नेहा झा ने बताया कि विभाग की ओर से पहले भी बसों की जांच की गई है। 30 जून को 80 लग्जरी बसों और 7 जून को 45 लग्जरी बसों के चालान किए गए थे। इस बार विभिन्न अनियमितताओं के चलते 185 बसों के चालान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी औचक निरीक्षण और विशेष चेकिंग अभियान जारी रहेंगे।



