उत्तराखंड

इंदिरा अम्मा कैंटीन की थाली हो सकती है महंगी, 20 रुपये से बढ़कर 50 रुपये तक पहुंचने का प्रस्ताव

देहरादून: उत्तराखंड में गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने वाली इंदिरा अम्मा कैंटीन योजना पर महंगाई की मार पड़ती नजर आ रही है। कैंटीन में मिलने वाली सस्ती थाली की कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वर्तमान में 30 रुपये कीमत वाली थाली पर सरकार 10 रुपये की सब्सिडी देती है, जिससे लोगों को यह भोजन 20 रुपये में उपलब्ध कराया जाता है। अब थाली का मूल्य बढ़ाकर 50 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

 

विकास भवन कार्यालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में खाद्यान्न, सब्जियों और ईंधन की बढ़ती कीमतों को आधार बनाया गया है। स्वयं सहायता समूहों का कहना है कि मौजूदा दरों पर कैंटीन संचालन घाटे का सौदा बनता जा रहा है। हालांकि सरकार आम लोगों को राहत देने के लिए सब्सिडी बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार कर सकती है, ताकि अंतिम कीमत ज्यादा न बढ़े।

 

2015 में शुरू हुई थी योजना

 

इंदिरा अम्मा कैंटीन योजना की शुरुआत वर्ष 2015 में गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने और महिलाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से की गई थी। प्रदेशभर में 100 भोजनालय खोलने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 42 कैंटीन ही स्थापित हो सकीं। इनमें से भी 19 कैंटीन बंद हो चुकी हैं।

 

देहरादून में 10 कैंटीनों में से केवल 5 संचालित हो रही हैं। बजट की कमी और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण कई जिलों में योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।

 

कई जिलों में बंद हो चुकी हैं कैंटीन

 

अल्मोड़ा के द्वाराहाट में वर्ष 2016 में शुरू हुई कैंटीन बंद हो चुकी है। चंपावत की एकमात्र कैंटीन करीब तीन साल बाद बंद हो गई, जबकि पिथौरागढ़ में वर्ष 2018 से संचालन ठप है। नैनीताल में भी चार साल पहले कैंटीन बंद हो चुकी है। हरिद्वार में दो में से एक कैंटीन ही संचालित हो रही है।

 

अलग-अलग जिलों में अलग हैं थाली के दाम

 

प्रदेश के विभिन्न जिलों में इंदिरा अम्मा कैंटीन की थाली की कीमतें अलग-अलग हैं। रुद्रपुर में एक थाली 80 रुपये में मिल रही है, जबकि पौड़ी मुख्यालय में यह 50 रुपये में उपलब्ध है। हरिद्वार में अभी भी 20 रुपये में भोजन मिल रहा है।

 

अब शासन स्तर पर प्रस्ताव पर फैसला होने के बाद यह तय होगा कि इंदिरा अम्मा कैंटीन की थाली की कीमत में कितना बदलाव किया जाएगा और सरकार आम लोगों को राहत देने के लिए कितनी सब्सिडी उपलब्ध कराएगी।

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