दून युधिष्ठिर पब्लिक स्कूल में 70 लाख के गबन का आरोप, निदेशक और पत्नी पर मुकदमा दर्ज

देहरादून: राजधानी देहरादून के पटेल नगर क्षेत्र स्थित दून युधिष्ठिर पब्लिक स्कूल में करोड़ों रुपये के वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। स्कूल के अध्यक्ष युधिष्ठिर कुमार मुंजाल की शिकायत पर स्कूल के निदेशक राजीव सिंघल और उनकी पत्नी रमा सिंघल के खिलाफ करीब 70 लाख रुपये के गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायत के अनुसार, राजीव सिंघल को वर्ष 2022 में स्कूल का निदेशक नियुक्त किया गया था। उनकी जिम्मेदारी संस्था का संचालन, कर्मचारियों का वेतन तैयार करना और अध्यक्ष की अनुमति से भुगतान कराना था। इसी दौरान अध्यक्ष युधिष्ठिर कुमार मुंजाल गंभीर रूप से बीमार हो गए और लंबे समय तक चेन्नई एवं नई दिल्ली के अस्पतालों में उपचाररत रहे। इस दौरान वे स्कूल के वित्तीय कार्यों की निगरानी नहीं कर सके।
रिश्तेदारों को नौकरी देकर लाखों रुपये निकालने का आरोप
स्वास्थ्य लाभ के बाद जब अध्यक्ष ने स्कूल के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कराई तो आरोप है कि निदेशक ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों को बिना वैध प्रक्रिया के नौकरी पर रखा। इनमें उनकी पत्नी रमा सिंघल भी शामिल थीं, जिन्हें 50 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा था। शिकायत के अनुसार, इन नियुक्तियों के जरिए संस्था के खाते से करीब 57.66 लाख रुपये वेतन के रूप में निकाले गए।
अध्यक्ष का आरोप है कि नियुक्ति आदेश, उपस्थिति रजिस्टर और संबंधित सेवा अभिलेख मांगने पर निदेशक कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
फर्जी बिलों के जरिए भी धन निकालने का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि निदेशक ने शुभ टेंट डेकोरेटर के नाम पर 69 हजार रुपये का फर्जी बिल प्रस्तुत किया, जिसमें 25 अगस्त 2022 को उनके जन्मदिन के आयोजन का खर्च दर्शाया गया। जबकि उनकी वास्तविक जन्मतिथि 26 नवंबर 1955 बताई गई है। इसके अलावा धर्मपुर स्थित एक सुविधा स्टोर से घरेलू सामान खरीदने के नाम पर भी लगातार बिल लगाकर स्कूल के खाते से भुगतान कराने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पटेल नगर कोतवाली प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि स्कूल अध्यक्ष युधिष्ठिर कुमार मुंजाल की तहरीर के आधार पर राजीव सिंघल और उनकी पत्नी रमा सिंघल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी वित्तीय दस्तावेजों और आरोपों की जांच कर रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।



