
देहरादून: विद्यालय समय के बाद शिक्षकों पर जनगणना कार्य सौंपे जाने के आदेश को लेकर राजधानी दून में विवाद तेज हो गया है। शिक्षकों के संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि या तो जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को कम से कम 10 दिन के लिए पूर्ण रूप से कार्यमुक्त किया जाए या फिर आदेश वापस लिया जाए।

सोमवार को संयुक्त मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल विभिन्न अधिकारियों से मिला। सबसे पहले प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम केके मिश्रा से भेंट कर शिक्षकों पर बढ़ते कार्यभार और व्यावहारिक दिक्कतों को रखा। शिक्षकों ने कहा कि एक साथ शिक्षण कार्य और जनगणना जैसे बड़े दायित्व का निर्वहन करना संभव नहीं है।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल नगर निगम पहुंचा, जहां नगर आयुक्त नमामी बंसल को ज्ञापन सौंपा गया और महापौर सौरभ थपलियाल से आदेश पर पुनर्विचार की मांग की गई। साथ ही जनगणना निदेशक ईवा श्रीवास्तव से भी वार्ता कर शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया है।
संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वह जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि शिक्षकों पर डाले जा रहे असंतुलित और अतिरिक्त कार्यभार का विरोध कर रहा है। शिक्षकों के सम्मान, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखना आवश्यक है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद ढौंडियाल से भी मुलाकात कर जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को एकतरफा कार्यमुक्त करने और समय-सारिणी में बदलाव की मांग की गई।
बैठक में राजकीय शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और अन्य संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



