प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने किया शुभारंभ, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का किया आह्वान।

बिजनौर – किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से इंदिरा बाल भवन में जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026, त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत कृषि मेला एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मक्का उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साथ ही बीज उत्पादन को बढ़ावा देने तथा रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाने पर बल दिया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने फसल चक्र, सहफसली खेती तथा मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता बताई। वहीं जिलाधिकारी जसजीत कौर ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने तथा गन्ने के साथ दलहन और तिलहन फसलों की सहफसली खेती करने की अपील की। उन्होंने कृषि विभाग को प्रगतिशील किसानों के अनुभव अन्य किसानों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिकों डॉ. शिवांगी एवं डॉ. प्रतिमा गुप्ता ने ड्रैगन फ्रूट, मशरूम उत्पादन, बागवानी तथा खरीफ फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन की जानकारी दी। मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र सहित विभिन्न विभागों व निजी संस्थाओं के स्टॉल किसानों के आकर्षण का केंद्र रहे।कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा, जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया सहित कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक एवं जनपद के लगभग 950 किसान उपस्थित रहे।



