उत्तराखंड में बारिश का कहर: भूस्खलन से 84 सड़कें बंद, नदियां खतरे के निशान के करीब

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भूस्खलन के चलते राज्यभर में 84 सड़कें बंद हैं, जबकि कई प्रमुख नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और मार्ग खोलने के लिए राहत एवं बहाली कार्य तेज कर दिए गए हैं।
84 सड़कें बंद, कई जिले प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भूस्खलन के कारण अल्मोड़ा में 1, बागेश्वर में 6, चमोली में 18, देहरादून में 6, नैनीताल में 5, पौड़ी में 6, पिथौरागढ़ में 16, रुद्रप्रयाग में 11, टिहरी में 6 और उत्तरकाशी में 9 सड़कें बंद हैं। बंद मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
अलकनंदा, मंदाकिनी और गंगा का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के कारण चमोली में अलकनंदा, मंदाकिनी और पिंडर नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंचकर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। रुद्रप्रयाग में भी अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर भी खतरे के स्तर के करीब पहुंचने से प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
यमुनोत्री हाईवे पर संकट बरकरार
यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ से जानकीचट्टी के बीच भूस्खलन के कारण श्रद्धालुओं और प्रशासन की मुश्किलें बनी हुई हैं। स्यानाचट्टी में लगातार हो रहा चट्टानी भूस्खलन हाईवे को खोलने में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। निर्माण एजेंसी युद्धस्तर पर मलबा हटाने में जुटी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्य में बाधा बन रही है।
वहीं जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास एक सप्ताह बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। श्रद्धालुओं को अब भी जोखिम उठाकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
थराली में भूस्खलन से कई मार्ग बंद
चमोली जिले के थराली क्षेत्र में सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन और चट्टानें टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। थराली-देवाल मोटर मार्ग केदारबगड़ में मलबा आने से बंद हो गया है, जबकि ऊनी पुलिया के पास लगातार पत्थर गिरने से सड़क खोलने का कार्य प्रभावित हो रहा है।
थराली-कुराड़ मोटर मार्ग पर भी भूस्खलन के कारण कई वाहन मलबे में फंस गए, जिन्हें जेसीबी मशीन की सहायता से निकाला जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने बताया कि बारिश रुकते ही सड़कों को खोलने का कार्य तेज किया जाएगा।



