
उत्तराखंड मौसम। हिमालयी राज्य उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर अपनी चाल बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने दस्तक दे दी है। इसके प्रभाव से 27 और 28 फरवरी को उच्च हिमालयी इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है।
पर्वतीय जिलों में बर्फबारी और बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के तीन हजार मीटर और उससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों, जैसे चारधाम (बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) की चोटियों पर बर्फबारी के आसार हैं। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे पहाड़ों में ठिठुरन लौटने की उम्मीद है।
मैदानी इलाकों में गर्मी का असर
वहीं मैदानी इलाकों में गर्मी जारी रहेगी। राजधानी देहरादून में गुरुवार को अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 4 और 3 डिग्री अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों में बर्फबारी के दौरान मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है।
होली से पहले फिर पश्चिमी विक्षोभ की संभावना
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 28 फरवरी के बाद विक्षोभ कमजोर होगा और 1 मार्च को मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि, होली (4 मार्च) से ठीक पहले 3 और 4 मार्च को एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे कुछ इलाकों में बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
अगले सात दिन का पूर्वानुमान
आगामी एक हफ्ते में मैदानी क्षेत्रों में तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि तापमान और मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए। पर्वतीय इलाकों में जाने वाले पर्यटक मौसम की सटीक जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनाएं।
उत्तराखंड में इस मौसम बदलाव से पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गर्मी का मिश्रित असर देखने को मिलेगा।



