
उत्तराखंड। उत्तराखंड की प्रसिद्ध आदि कैलास यात्रा इस वर्ष 8 मई से शुरू होने जा रही है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) की ओर से आयोजित इस यात्रा में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक शामिल हो सकेंगे। इस बार यात्रा तीन अलग-अलग स्थानों—हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला—से संचालित की जाएगी।
केएमवीएन के महाप्रबंधक विनीत तोमर ने बताया कि पहली यात्रा 8 मई को हल्द्वानी से शुरू होगी। इस यात्रा की अवधि आठ दिन की होगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पिथौरागढ़, धारचूला, ओम पर्वत और आदि कैलास के दर्शन कराए जाएंगे। वापसी के दौरान यात्री चौकोड़ी, पाताल भुवनेश्वर, गंगोलीहाट, जागेश्वर, अल्मोड़ा, कैंची धाम और भीमताल होते हुए हल्द्वानी पहुंचेंगे।
टनकपुर और धारचूला से भी शुरू होगी यात्रा
टनकपुर से दूसरी यात्रा 9 मई से शुरू होगी, जिसकी अवधि छह दिन की होगी। इस रूट में श्रद्धालुओं को सीधे आदि कैलास तक ले जाया जाएगा। वहीं तीसरी यात्रा 10 मई से धारचूला से प्रारंभ होगी। इस बार कुल 15 दलों के माध्यम से श्रद्धालुओं को यात्रा कराई जाएगी।
ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
केएमवीएन के अनुसार यात्रा के दौरान यात्रियों को आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं निगम की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालु केएमवीएन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
यात्रा का किराया
आदि कैलास यात्रा के लिए अलग-अलग स्थानों से शुल्क निर्धारित किया गया है। हल्द्वानी से यात्रा का किराया लगभग 45 हजार रुपये रखा गया है। टनकपुर से यात्रा का शुल्क 42 हजार रुपये तय किया गया है, जबकि धारचूला से यात्रा का किराया करीब 35 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। इस शुल्क में आवास, भोजन और स्थानीय परिवहन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
इन स्थानों से होगी यात्रा की शुरुआत
इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए यात्रा तीन स्थानों से शुरू की जाएगी। हल्द्वानी से 8 मई से यात्रा प्रारंभ होगी और इसकी अवधि आठ दिन की होगी। टनकपुर से 9 मई से छह दिन की यात्रा शुरू होगी, जबकि धारचूला से 10 मई से यात्रा का संचालन किया जाएगा।



