उत्तराखंड

पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े 4 और संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, हरिद्वार का युवक भी शामिल

हरिद्वार: उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े आतंकी मॉड्यूल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सहारनपुर निवासी 22 वर्षीय महकाब, 20 वर्षीय शाहरुख, मुजफ्फरनगर का 25 वर्षीय गगनदीप सिंह और हरिद्वार के रुड़की का 22 वर्षीय मुशर्रफ शामिल है। इससे पहले भी एटीएस इस मॉड्यूल से जुड़े चार आतंकियों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह चौथा ग्रुप बताया जा रहा है।

 

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क ने इस स्लीपर सेल को स्कूल, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों को निशाना बनाने का टास्क दिया था। एटीएस को इनपुट मिले थे कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित नेटवर्क और गैंगस्टर्स के संपर्क में थे और आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे।

 

सोशल मीडिया से जुड़े पाकिस्तान नेटवर्क से

 

एटीएस की जांच में सामने आया है कि महकाब और गगनदीप सिंह इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के संपर्क में आए थे। बाद में उन्होंने मुशर्रफ और शाहरुख को भी इस नेटवर्क से जोड़ा। जांच एजेंसियों के अनुसार, नोएडा में हुई एक गुप्त बैठक में इन आरोपियों ने पैसों, हथियारों और हमलों की योजना को लेकर चर्चा की थी।

 

अस्पताल उड़ाने की थी साजिश

 

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रुड़की निवासी मुशर्रफ को एक अस्पताल को उड़ाने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसने कथित तौर पर ऑनलाइन रेकी भी की थी और हथियार खरीदने की बातचीत चल रही थी। हालांकि जिस अस्पताल को निशाना बनाने की योजना थी, वह उत्तराखंड के बाहर स्थित बताया जा रहा है।

 

पीओके से आ रहा था आरडीएक्स और हथियार

 

एटीएस के अनुसार, शहजाद भट्टी मॉड्यूल को आतंकी गतिविधियों के लिए पीओके से आरडीएक्स और हथियारों की सप्लाई की जा रही थी। जांच एजेंसियां अब गिरफ्तार आरोपियों के पिछले कुछ दिनों के मूवमेंट और संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन धार्मिक स्थलों, पुलिस थानों और सैन्य क्षेत्रों की रेकी की गई थी।

 

ईद पर गांव आया था मुशर्रफ

 

मुशर्रफ की गिरफ्तारी के बाद रुड़की के ढंडेरा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि मुशर्रफ इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। बताया गया कि वह ईद मनाने के लिए करीब 10 दिन पहले गांव आया था। वह मजदूरी और वेल्डिंग का काम करता था और परिवार के साथ सामान्य तरीके से रह रहा था।

 

करीबियों के मुताबिक, वह पिछले कुछ समय से तनाव में था और अक्सर फोन पर किसी व्यक्ति से अपना मोबाइल और मेहनताना वापस मांगने की बात करता था। बताया गया कि वह किसी ठेकेदार के साथ काम करता था, जिसके पास उसका फोन और पैसे रुके हुए थे।

 

परिवार और गांव में चर्चा का माहौल

 

मुशर्रफ के परिवार में एक छोटा भाई और बहन हैं। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। पड़ोसियों के अनुसार, उसके दादा आईआईटी रुड़की में नौकरी करते थे और इलाके में परिवार की अच्छी छवि रही है। जिस घर में परिवार रहता है, उसके दो कमरों में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित होता है।

 

फिलहाल यूपी एटीएस और अन्य एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई हैं और कई अन्य संदिग्धों पर भी नजर रखी जा रही है।

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