उत्तराखंड

कांवड़ मेला 2026: हरिद्वार पुलिस की एडवाइजरी जारी, ऊंची कांवड़, हथियार और तेज डीजे पर प्रतिबंध

हरिद्वार: आगामी कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हरिद्वार पुलिस ने विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील करते हुए सामान्य कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई छह फीट और झांकी वाली कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट निर्धारित की है।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि निर्धारित सीमा से अधिक ऊंचाई वाली कांवड़ विद्युत लाइनों से टकराकर दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर इन पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष कांवड़ मेले में करीब चार करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे, जबकि इस बार इससे भी अधिक संख्या में शिवभक्तों के आने की संभावना है।

 

पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान त्रिशूल, भाला, बेसबॉल का डंडा या किसी भी प्रकार के हथियार लाने की अनुमति नहीं होगी। रेट्रो साइलेंसर वाली बाइकों, ऊंची आवाज वाले डीजे, नशे की हालत में यात्रा करने और चलती ट्रेन की छत पर सफर करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान अपना पहचान पत्र साथ रखने की भी अपील की है।

 

हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन ने कहा है कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालुओं से पुलिस और प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।

 

वहीं, कांवड़ मेले के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के कल्याण और आवश्यक सुविधाओं के बेहतर समन्वय के लिए पुलिस कल्याण समिति का गठन किया गया है। एसपी सिटी अभय सिंह को समिति का नोडल अधिकारी बनाया गया है। समिति में क्षेत्राधिकारी सदर/लाइन सुरेंद्र प्रसाद बलूनी, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन प्रवीण आलोक, प्रभारी निरीक्षक भगवानपुर रितेश शाह और थाना प्रभारी सिडकुल अजय शाह को सदस्य नामित किया गया है।

 

उधर, हरिद्वार नगर निगम की मेयर किरण जैसल ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए घाटों की विशेष सफाई, अस्थायी एवं स्थायी शौचालयों की संख्या बढ़ाने, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थलों और पार्किंग व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य के कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास योजनाओं पर भी अभी से कार्य शुरू किया जाना चाहिए।

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