
देवबंद/देहरादून। कोटा से देहरादून आ रही नंदा देवी एक्सप्रेस को बुधवार तड़के देवबंद से आगे जंगल क्षेत्र में लूटने का प्रयास किया गया। करीब 10 हथियारबंद बदमाश ट्रेन के दो कोचों के बीच बफर में चढ़ गए, लेकिन वे न तो ट्रेन रोक सके और न ही कोच के अंदर प्रवेश कर पाए। रेलवे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब तीन बजे की है। नंदा देवी एक्सप्रेस देवबंद स्टेशन से रवाना हुई ही थी कि स्टेशन मास्टर ने लोको पायलट को सूचना दी कि ट्रेन के दो कोचों के बीच संदिग्ध लोग चढ़े हैं। इसके बाद लोको पायलट ने तुरंत सभी कोच अटेंडेंट को सतर्क किया।
कुछ अटेंडेंट ने लोको पायलट और आरपीएफ अधिकारियों को जानकारी दी कि करीब 10 हथियारबंद व्यक्ति कोच के बफर पर सवार हैं और ट्रेन को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि नए कोचों में बफर से वैक्यूम रिलीज कर ट्रेन रोकने का विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण बदमाश ट्रेन नहीं रोक सके।
इधर, ट्रेन के सभी दरवाजे लॉक कर दिए गए, जिससे बदमाश कोच के भीतर प्रवेश नहीं कर पाए। कर्मचारियों को सतर्क होते देख आरोपी ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। उस समय ट्रेन में विभिन्न श्रेणियों के कोचों में हजारों यात्री सवार थे।
मुरादाबाद मंडल ने इस घटना पर आरपीएफ से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कोच अटेंडेंट के बयान दर्ज किए गए हैं और उनकी मदद से बदमाशों के स्केच तैयार कराए गए हैं। स्केच के आधार पर पहचान की प्रक्रिया चल रही है और स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है।
आरपीएफ की कई टीमें क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, मुरादाबाद मंडल महेश यादव ने कहा कि घटना को गंभीरता से लिया गया है और उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।



