
हरिद्वार: बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन ने व्यापक यातायात रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है। यह प्लान 30 अप्रैल की रात से लागू होगा और मेला समापन तक प्रभावी रहेगा।
एक मई को आयोजित होने वाले स्नान पर्व को देखते हुए शहर में यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर डायवर्जन और विशेष पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है।
नवनीत सिंह भुल्लर (एसएसपी) ने बताया कि 30 अप्रैल की रात 12 बजे से शहर क्षेत्र में सभी भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः बंद रहेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ट्रैफिक प्लान का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
मुख्य यातायात व्यवस्था
यातायात दबाव बढ़ने की स्थिति में सभी भारी वाहनों को बॉर्डर पर ही रोका जाएगा।
नगलाइमरती से आने वाले वाहनों को डायवर्ट कर बैरागी कैंप पार्किंग एवं होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा।
चीला मार्ग का उपयोग केवल ऋषिकेश की ओर निकासी के लिए किया जाएगा।
सामान्य दबाव में वाहन गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक भेजे जाएंगे।
टोल प्लाजा पर दबाव बढ़ने की स्थिति में नहर पटरी मार्ग को निकासी मार्ग के रूप में उपयोग किया जाएगा।
देहरादून/ऋषिकेश जाने वाली निजी बसों को आवश्यकता अनुसार मोहंड मार्ग से भेजा जाएगा।
दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहन नारसन, मंगलौर, कॉर कॉलेज, ख्याति ढाबा, गुरुकुल कांगड़ी और शंकराचार्य चौक मार्ग से प्रवेश करेंगे। इन्हें अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू पार्किंग में खड़ा किया जाएगा।
अधिक दबाव की स्थिति में वैकल्पिक रूट
नगलाइमरती, लक्सर, फेरूपुर, जगजीतपुर और बैरागी कैंप मार्ग का उपयोग किया जाएगा।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से अधिक दबाव होने पर सहारनपुर, भगवानपुर, सालियर, बिजौली, छुटमलपुर, बिहारीगढ़ और मोहंड मार्ग से डायवर्जन किया जाएगा।
नजीबाबाद और मुरादाबाद से आने वाले छोटे वाहन चिड़ियापुर, श्यामपुर और चंडीचौकी से भेजे जाएंगे।
बड़े वाहनों को गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहन नेपाली फार्म, रायवाला होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगे और उन्हें लालजीवाला, पंतद्वीप तथा चमगादड़ टापू पार्किंग में खड़ा किया जाएगा।
ऑटो और विक्रम की व्यवस्था
देहरादून/ऋषिकेश से आने वाले ऑटो केवल जयराम मोड़ तक संचालित होंगे।
ललतारो पुल से शिवमूर्ति तक ऑटो, विक्रम और टैक्सी संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें, ताकि बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।



