
नई दिल्ली/ उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मृतका अंकिता भंडारी के माता-पिता ने अपनी बेटी के लिए पूर्ण न्याय की मांग और एक विवादित राजनीतिक नियुक्ति के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना शुरू कर दिया है।
इंडिया गेट पर परिवार के धरने पर बैठने से यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है, और प्रशासन पर दबाव भी बढ़ गया है।
अंकिता के परिजनों का मुख्य विरोध एक कथित वीआईपी से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर है। परिजनों और विरोध प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक अंकिता भंडारी मामले में पूरी सच्चाई और न्याय सामने नहीं आ जाता, तब तक इस तरह के पदों पर नियुक्तियां नहीं होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले की गहनता से जाँच पूरी की जाए और दोषियों व संलिप्त-कथित लोगों को संरक्षण मिलने जैसी चर्चाओं पर विराम लगे।
इंडिया गेट पर चल रहे इस धरने की सूचना मिलते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता मौके पर पहुंचे और अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा अपनी एकजुटता व्यक्त की। नेताओं ने इस मामले में परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में साथ देने का आश्वासन दिया है। इस धरने में एंटी-रेप एक्टिविस्ट योगिता भयाना और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
गौरतलब है कि सितंबर 2022 में उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली अंकिता भंडारी की कथित तौर पर नहर में धकेलकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। निचली अदालत द्वारा मुख्य आरोपियों को सजा सुनाए जाने के बावजूद, परिवार लगातार इस मामले में अन्य छिपे हुए पहलुओं और वीआईपी चेहरों के बेनकाब होने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है।



