उत्तराखंड

रुद्रपुर में कारोबारी रोहिताश बत्रा और डॉ. दीपक छाबड़ा के आवासों पर 40 घंटे से जारी आयकर जांच, ईडी के शामिल होने की भी चर्चा

रुद्रपुर। कारोबारी रोहिताश बत्रा और डॉ. दीपक छाबड़ा के आवासों पर आयकर विभाग की कार्रवाई 40 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी जारी है। जांच में आयकर विभाग की मुख्य टीम के साथ लखनऊ और कानपुर के अधिकारी भी जुटे हुए हैं। वहीं, सूत्रों के हवाले से देहरादून से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम के भी कार्रवाई में शामिल होने की चर्चा है। हालांकि, आयकर विभाग और ईडी की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह एचआर नंबर की गाड़ियों से आयकर विभाग की टीम सबसे पहले डॉ. दीपक छाबड़ा के आवास पर पहुंची। वहीं, दूसरी टीम मार्निंग वॉक पर निकले कारोबारी रोहिताश बत्रा के पास पहुंची और उन्हें उनके आवास पर लेकर आई। इसके बाद दोनों स्थानों पर जांच शुरू की गई।

मेडिसिटी अस्पताल के अधिग्रहण से जुड़े लेनदेन की जांच

सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम मेडिसिटी अस्पताल के अधिग्रहण से संबंधित सौदे के अलावा अस्पताल के पूर्व संचालन के दौरान सरकारी योजनाओं के तहत बीमा के माध्यम से भर्ती मरीजों के भुगतान से जुड़े मामलों की भी पड़ताल कर रही है। इस दौरान कारोबार और संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों, आयकर रिटर्न, बैंक खातों, निजी लैपटॉप और व्यावसायिक अनुबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है।

कुछ स्वजन को भी बयान दर्ज कराने के लिए बाहर से बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान दोनों आवासों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बताया जा रहा है कि अधिकारियों की अनुमति के बिना किसी को बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। बाहरी व्यक्तियों को भी अधिकारियों के निर्देश पर ही प्रवेश दिया जा रहा है।

पार्क ग्रुप के अधिग्रहण सौदे पर भी नजर

सूत्रों के अनुसार, जांच के केंद्र में रुद्रपुर के मेडिसिटी अस्पताल के अधिग्रहण से जुड़ा लेनदेन है। कुछ समय पहले पार्क ग्रुप ने मेडिसिटी अस्पताल का अधिग्रहण किया था। बताया जा रहा है कि इस सौदे को कराने वाली थर्ड पार्टी के साथ लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद मामला आयकर विभाग और ईडी तक पहुंचने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

40 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद जांच का दायरा, संभावित बरामदगी और कार्रवाई के निष्कर्षों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब तक संबंधित विभागों की ओर से भी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

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