उत्तराखंड हाईकोर्ट ने PWD में जेई की नई भर्ती पर लगाई रोक, संविदा कर्मियों को राहत

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) के पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर अहम आदेश दिया है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकल पीठ ने 30 जुलाई 2026 को लोक सेवा आयोग को भेजे गए नए भर्ती अधियाचन के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस आदेश से विभाग में लंबे समय से संविदा पर कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं को अंतरिम राहत मिली है।
याचिकाकर्ता राहुल सैनी और अन्य की ओर से अधिवक्ता संदीप तिवारी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से लोक निर्माण विभाग में संविदा कनिष्ठ अभियंता के रूप में कार्यरत हैं। उनका कहना है कि वे स्वीकृत पदों के लिए निर्धारित आवश्यक योग्यताएं रखते हैं, लेकिन उनकी सेवाओं के संबंध में निर्णय लिए बिना उन्हीं पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही थी। इससे उनके रोजगार पर संकट पैदा हो गया था।
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि हाईकोर्ट ने 10 अगस्त 2026 को दिए गए अपने पूर्व आदेश में राज्य सरकार को संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया पर विचार करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद नई भर्ती के लिए अधियाचन भेजे जाने को चुनौती दी गई।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि नियमावली-2025 के तहत निर्धारित पात्रता शर्तों के आधार पर नई भर्ती का अधियाचन भेजा गया था। सरकार ने यह भी कहा कि वह पूर्व आदेश के खिलाफ विशेष अपील दायर कर सकती है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 30 जुलाई 2026 के भर्ती अधियाचन के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी। अदालत ने प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर 2026 को होगी।



