उत्तराखंड में 1 अक्टूबर से शुरू होगी मिलेट्स की खरीद, 250 केंद्रों पर किसानों से मंडुवा समेत पहाड़ी उपज खरीदेगा UCF

देहरादून। पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (UCF) ने एक अक्टूबर से बड़े पैमाने पर मिलेट्स की खरीद शुरू करने का निर्णय लिया है। मिलेट्स मिशन योजना के तहत इस फसली वर्ष प्रदेशभर में 250 क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों से मंडुवा, झंगोरा, तिलहन, चौलाई, दालें और अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद की जाएगी।
सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक कृषि को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने पारंपरिक और मोटे अनाज की खेती छोड़ दी थी, वे अब दोबारा इस खेती की ओर लौट रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को शत-प्रतिशत जैविक राज्य बनाने का है और पर्वतीय क्षेत्रों में जैविक खेती से किसानों को लाभ मिल रहा है।
इस बार किसानों से मंडुवा 52.05 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा। पिछले फसली वर्ष मंडुवा 48.86 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया था। इसके अलावा सोयाबीन, दाल, झंगोरा, चौलाई और अन्य सूखे अनाज व पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर की जाएगी।
मिलेट्स खरीद को लेकर सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर क्रय केंद्रों और निर्धारित खरीद मूल्य की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से अधिकारियों को किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के साथ ही भुगतान डीबीटी के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने बताया कि इस फसली वर्ष किसानों से उपज खरीदने के लिए प्रदेशभर में 250 क्रय केंद्र तैयार किए गए हैं। पिछले वर्ष 214 केंद्रों के माध्यम से खरीद की गई थी। उन्होंने बताया कि यूसीएफ हाट के जरिए भी किसानों के उत्पादों की खरीद और विपणन को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसानों से खरीदे गए उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बेहतर मार्केटिंग की जाएगी, जिससे उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूसीएफ ने प्रदेश के 214 क्रय केंद्रों के माध्यम से कुल 53,860.652 कुंतल मंडुवा खरीदा था। यह खरीद 11,153 किसानों से की गई थी। पिछले साल चमोली जिले में सबसे ज्यादा मंडुवा खरीदा गया, जबकि सबसे अधिक किसानों ने टिहरी जिले में अपनी उपज बेची। कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़ जिला मंडुवा खरीद के मामले में सबसे आगे रहा।



