वन विभाग में तबादला आदेशों के पालन को 30 सितंबर तक की डेडलाइन, रिलीव न करने पर DFO और निदेशक होंगे जिम्मेदार

देहरादून: वन विभाग में तबादले के बाद नई तैनाती पर नहीं जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर मुख्यालय ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने स्थानांतरण आदेशों का पालन कराने के लिए 30 सितंबर तक की डेडलाइन तय की है। सभी डिविजन और रिजर्व पार्कों के निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानांतरण आदेशों के तहत संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समयसीमा में नई तैनाती के लिए कार्यमुक्त किया जाए।
दरअसल, इस बार वन विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। इनमें वन आरक्षी से लेकर वन दरोगा और डिप्टी रेंजर तक के अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती बदली गई। हालांकि तबादला सूची जारी होने के बाद भी कई मामलों में आदेशों का पालन नहीं हो पाया। कई कर्मचारियों को पुरानी तैनाती से कार्यमुक्त नहीं किए जाने की बात सामने आई है।
बताया गया कि पूर्व में भी स्थानांतरण आदेशों के अनुपालन को लेकर पत्राचार किया गया था, लेकिन इसका अपेक्षित असर नहीं हुआ। सबसे ज्यादा मामले रिजर्व पार्क क्षेत्रों से सामने आने की बात कही जा रही है, जहां स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद कुछ कर्मचारियों को रिलीव नहीं किया गया।
वन विभाग में HRD की जिम्मेदारी देख रहे अधिकारियों की ओर से भी इस संबंध में पत्राचार किया गया। इसके बावजूद कई मामलों में स्थिति जस की तस बनी रही। ऐसे में अब प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
CCF HRD पीके पात्रो के मुताबिक, सभी अधिकारियों को 30 सितंबर तक तबादला आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण आदेशों का पालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित डिविजन के DFO और रिजर्व पार्क के निदेशक जिम्मेदार होंगे।
वहीं, तबादला आदेशों का पालन नहीं होने से कर्मचारियों में भी संशय की स्थिति बनी हुई है। विभाग के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि तबादला होने के बाद भी कुछ अधिकारियों को रिलीव किया जा रहा है, जबकि कुछ कर्मचारियों को नई तैनाती पर जाने के लिए कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है।
वन दरोगा संगठन के अध्यक्ष स्वरूप चंद्र रमोला ने कहा कि तबादलों के आदेश जारी होने के बावजूद कई स्थानों पर उनका पालन नहीं हुआ है। इससे कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति है। उन्होंने कहा कि विभाग को जल्द इस मामले में निर्णय लेकर जिन कर्मचारियों का जहां तबादला हुआ है, उन्हें वहां के लिए रिलीव करना चाहिए।
अब विभागीय मुख्यालय ने 30 सितंबर तक सभी तबादला आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने की समयसीमा तय की है। इसके बाद आदेशों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित DFO और रिजर्व पार्क निदेशकों की होगी।



