गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग पर आंदोलन तेज, 13 अगस्त को सामूहिक मुंडन; 15 से निकलेगी महापदयात्रा

देहरादून: गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। समिति के मुताबिक, 13 अगस्त की सुबह देहरादून विधानसभा के बाहर सामूहिक मुंडन कर सरकार के प्रति विरोध दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद 15 अगस्त को विधानसभा के बाहर से देहरादून से गैरसैंण तक महापदयात्रा का शंखनाद किया जाएगा।
समिति से जुड़े सदस्य पिछले 100 दिनों से अधिक समय से एकता विहार स्थित धरना स्थल पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अब समिति ने अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने का फैसला किया है।
समिति के मुख्य संयोजक और पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की जनता के साथ लंबे समय से किए जा रहे वादों को पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में अब सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
13 अगस्त को विधानसभा के बाहर सामूहिक मुंडन
समिति की ओर से बताया गया कि 13 अगस्त को देहरादून विधानसभा के बाहर सामूहिक मुंडन किया जाएगा। इसे सरकार की कथित हठधर्मिता और वादा खिलाफी के विरोध के प्रतीक के तौर पर आयोजित किया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के संकल्प के साथ किया जाएगा।
15 अगस्त से देहरादून से गैरसैंण तक पदयात्रा
इसके बाद स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को विधानसभा के बाहर से देहरादून से गैरसैंण तक महापदयात्रा शुरू की जाएगी। पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी के मुताबिक, यह पदयात्रा करीब 25 दिनों में गैरसैंण पहुंचेगी। यात्रा के दौरान स्थायी राजधानी की मांग को लेकर लोगों को आंदोलन से जोड़ने और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
समिति का कहना है कि 100 दिनों से अधिक चले क्रमिक अनशन के बावजूद मांग पर ठोस निर्णय नहीं होने के कारण अब आंदोलन को और व्यापक किया जा रहा है। गैरसैंण पहुंचने के बाद भी स्थायी राजधानी की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया है।



